चाय का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में दूध, चायपत्ती और चीनी से बनी चाय की तस्वीर आती है. लेकिन क्या आपने कभी ऐसी सफेद चाय के बारे में सुना है, जिसमें दूध की एक भी बूंद नहीं पड़ती?

अपने हल्के रंग और नाजुक स्वाद के कारण White Tea आज हेल्थ और वेलनेस पसंद करने वाले लोगों के बीच काफी चर्चा में रहती है. इसे चाय की पत्तियों के सबसे कम प्रोसेस किए गए रूपों में से एक माना जाता है, इसलिए इसमें मौजूद कई प्राकृतिक यौगिक काफी हद तक बने रहते हैं.

 

सफेद चाय Camellia sinensis पौधे की बेहद कोमल नई पत्तियों और कलियों से बनाई जाती है. इसका नाम इसके हल्के रंग या पत्तियों पर मौजूद सफेद-सिल्वर रोएं जैसी परत की वजह से पड़ा है. इसे बनाने के दौरान पत्तियों को लंबे समय तक ऑक्सीडाइज या प्रोसेस नहीं किया जाता. यही वजह है कि इसका स्वाद सामान्य काली चाय की तुलना में काफी हल्का और नाजुक होता है.

 

सफेद चाय में आमतौर पर दूध नहीं डाला जाता. इसे गर्म पानी में चाय की पत्तियों या टी-बैग को भिगोकर तैयार किया जाता है. अगर आप इसमें चीनी, शहद या कोई दूसरा स्वीटनर नहीं डालते हैं तो यह कम कैलोरी वाला पेय हो सकता है.

 

क्या वजन कम करने में मदद करती है?

 

सफेद चाय को वजन घटाने वाला कोई जादुई पेय नहीं समझना चाहिए. इसमें कैफीन और पॉलीफेनॉल जैसे यौगिक पाए जाते हैं, जिन पर मेटाबॉलिज्म और शरीर में फैट से जुड़े संभावित प्रभावों को लेकर शोध हुआ है. हालांकि, केवल सफेद चाय पीने से वजन कम होने की गारंटी नहीं है.

 

अगर आप दूध और ज्यादा चीनी वाली चाय की जगह बिना चीनी की सफेद चाय लेते हैं, तो रोजाना की कैलोरी कम करने में मदद मिल सकती है. वजन घटाने के लिए इसका फायदा तभी बेहतर तरीके से मिल सकता है जब इसके साथ संतुलित डाइट और नियमित शारीरिक गतिविधि भी हो.

सफेद चाय पीने के संभावित फायदे

 

सफेद चाय में पॉलीफेनॉल और एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं. ये शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से निपटने में भूमिका निभा सकते हैं. इसमें कैफीन की मात्रा भी होती है, हालांकि यह चाय के प्रकार और बनाने के तरीके के अनुसार अलग-अलग हो सकती है. कुछ लोगों के लिए यह सुबह या दोपहर में हल्का ऊर्जा देने वाला पेय हो सकता है.

पीने का सही तरीका

 

एक कप सफेद चाय बनाने के लिए गर्म पानी में चाय की पत्तियों या टी-बैग को कुछ मिनट तक भिगोएं. पानी को बहुत ज्यादा उबालने के बजाय गर्म पानी इस्तेमाल करना बेहतर रहता है, क्योंकि इससे चाय का नाजुक स्वाद बना रह सकता है. वजन नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं तो इसमें चीनी या मीठे सिरप डालने से बचें.

 

ज्यादा पीना भी सही नहीं

 

सफेद चाय हेल्दी विकल्प हो सकती है, लेकिन इसमें कैफीन मौजूद होता है. इसलिए बहुत ज्यादा मात्रा में पीने से कुछ लोगों को बेचैनी, नींद में परेशानी या पेट से जुड़ी दिक्कत हो सकती है. गर्भवती महिलाओं, कैफीन के प्रति संवेदनशील लोगों या किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों को सेवन की मात्रा को लेकर डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेनी चाहिए.

By AMRITA

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