
मानसून में सिर दर्द होना बहुत ही आम बात है। मौसम के बदलते ही शरीर खुद को उसके हिसाब से तैयार करने लगता है और यही कारण है कि हर बदलते मौसम में कुछ न कुछ स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
मानसूनी माइग्रेन या मौसमी सिरदर्द के मुख्य कारण हवा के दबाव में बदलाव, ज्यादा नमी और फंगस की एलर्जी हैं। इसके मुख्य लक्षण सिर के एक हिस्से में तेज दर्द, जी मिचलाना और रोशनी से परेशानी हैं। इलाज के लिए ठंडी सिकाई, आराम और डॉक्टर की सलाह से ली गई दर्द निवारक दवाएं उपयोगी हैं।
मानसूनी सिरदर्द का कारण
बैरोमीट्रिक दबाव: मानसून में हवा के दबाव का अचानक कम होना सिर की नसों को प्रभावित करता है जिसकी वजह से सिरदर्द की समस्या होती है।
नमी और फंगस: हवा में नमी बढ़ने और फफूंद या धूल से होने वाली एलर्जी सिर दर्द को बढ़ाती है।
खानपान और नींद: इस मौसम में गलत खानपान या नींद पूरी न होना भी समस्या पैदा करता है।
लक्षण
अधकपारी: सिर के आधे हिस्से में तेज धड़कता या हथौड़े चलने जैसा दर्द।
संवेदनशीलता: तेज रोशनी, शोर या तेज गंध से तकलीफ होना।
पाचन समस्या: जी मिचलाना, उल्टी जैसा महसूस होना या चक्कर आना।
इलाज और बचाव
आराम करें: किसी शांत और अंधेरे कमरे में लेटकर आराम करें।
सिकाई: माथे पर ठंडी पट्टी या ठंडी सिकाई करने से राहत मिलती है।
हाइड्रेशन: पर्याप्त मात्रा में पानी और हर्बल चाय पिएं।
चिकित्सक की सलाह: यदि दर्द बार-बार हो, तो डॉक्टर से मिलकर आईबुप्रोफेन या ट्रिप्टान जैसी दवाइयां लेनी चाहिए।
