कई महिलाओं की समस्या होती है कि प्रेगनेंसी के बाद उनका पेट कम नहीं होता जिसे “मम्मी टमी” कहा जाता है। गर्भावस्था के दौरान वजन कम होने के काफी समय बाद भी ये बना रहता है। कई महिलाओं में, इसका कारण डायस्टेसिस रेक्टी होता है, एक ऐसी स्थिति जिसमें गर्भावस्था के दौरान बढ़ते गर्भाशय के लिए जगह बनाने के लिए पेट की मांसपेशियां अलग हो जाती हैं। हालांकि डिलीवरी के बाद मांसपेशियों के वापस जुड़ने की उम्मीद की जाती है, लेकिन ऐसा हमेशा पूरी तरह से नहीं होता है। ऐसा मांसपेशियों में गैप होने की वजह से हो जाता है न कि खान पान के कारण। ऐसी स्थिति में एकदम से ज्यादा व्यायाम करने से स्थिति खराब हो सकती है। इसलिए बहुत ज्यादा सिट-अप्स और क्रंचेस करने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।

 

 पेट की चर्बी बढ़ने का कारण तनाव भी

 

शरीर का तनाव हार्मोन, कोर्टिसोल, पेट के आसपास वसा जमा करने का सीधा निर्देश देता है। इसका मतलब यह है कि अगर तनाव का स्तर लगातार बढ़ा रहता है तो बैलेंस डाइट और नियमित व्यायाम करने के बावजूद भी पेट की चर्बी बनी रह सकती है। भारत में महिलाएं अक्सर काम, बच्चों की देखभाल, माता-पिता की देखभाल और घर संभालने के चक्कर में लंबे समय तक दबाव और तनाव में रहती है। जिससे चर्बी बढ़ने लगती है। जो महिलाएं तनाव के प्रति संवेदनशील होती हैं उनका वजन ज्यादा बढ़ता है। शरीर में हाई कोर्टिसोल और पेट की चर्बी एक दूसरे को बढ़ावा देते हैं।

 

पेट की चर्बी कम करने के उपाय

 

जो महिलाएं रजोनिवृत्ति के करीब हैं उन्हें रेजिस्टेंस ट्रेनिंग करने पर फोकस करना चाहिए। आपको सामान्य व्यायाम करने पर फोकस करना चाहिए। रोजाना वॉक करने और योग करने से वजन कम करने में मदद मिलेगी। मांसपेशियों को बनाए रखने और मेटाबॉलिज्म में सुधार के लिए पावर ट्रेनिंग करें। डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं, इससे मांसपेशियों को बनाए रखने और वजन घटाने में मदद मिलेगी। इससे पेट लंबे समय तक भरा रहेगा और ब्लड शुगर स्थिर रहेगा। रात में 7-8 घंटे की नींद लें और तनाव से दूर रहें। ये सभी चीजें पेट के आसपास बढ़ रही चर्बी को घटाने में मदद करेंगी।

By AMRITA

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