प्रेग्नेंसी का समय एक महिला के जीवन के सबसे खूबसूरत और यादगार पलों में से एक होता है। लेकिन इस दौरान शरीर में तेजी से होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण मूड में अचानक उतार-चढ़ाव होना, यानी ‘मूड स्विंग्स’ होना बहुत ही सामान्य बात है।

कभी आप बिना किसी बात के बेहद खुश महसूस कर सकती हैं, तो कभी अचानक उदासी, चिड़चिड़ापन या गुस्सा आ सकता है।

 

अगर आप भी इस दौर से गुजर रही हैं और अपने बदलते मूड के कारण परेशान हैं, तो कुछ आसान लाइफस्टाइल में बदलाव कर आप इसे बेहद आसानी से संभाल सकती हैं।

 

अपनी भावनाओं को खुलकर शेयर करें

 

जब भी आपको बिना किसी वजह के उदासी या गुस्सा महसूस हो, तो उसे अपने अंदर दबाकर न रखें। अपने पार्टनर, परिवार के सदस्यों या किसी करीबी दोस्त से बैठकर बात करें। उन्हें समझाएं कि यह आपके व्यवहार का हिस्सा नहीं है, बल्कि हार्मोनल बदलावों की वजह से हो रहा है। जब आप अपनी बातें और डर दूसरों से साझा करती हैं, तो मन का बोझ बहुत कम हो जाता है और आपको एक पॉजिटिव सपोर्ट मिलता है।

 

प्रेगनेंसी के इस खूबसूरत सफर में जीवनसाथी का साथ और प्यार सबसे बड़ी ताकत है।

 

गहरी सांस लेने वाली एक्सरसाइज और वॉक करें

 

शारीरिक रूप से एक्टिव रहने का सीधा असर हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। जब भी आपको लगे कि चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है, तो तुरंत खुली हवा में 10 से 15 मिनट की हल्की वॉक के लिए निकल जाएं। इसके अलावा, सुबह के समय 5 से 10 मिनट के लिए गहरी सांस लेने वाली एक्सरसाइज या मेडिटेशन करें। ये आपके दिमाग को तुरंत शांत करता है और शरीर में हैप्पी हार्मोन्स के लेवल को बढ़ाता है।

 

भरपूर और अच्छी नींद लें

 

थकान मूड स्विंग्स को सबसे ज्यादा बढ़ावा देती है। प्रेग्नेंसी के दौरान अगर आपकी नींद पूरी नहीं होगी, तो चिड़चिड़ापन और तनाव होना लाजमी है। रात को कम से कम 7 से 8 घंटे की गहरी नींद जरूर लें। इसके साथ ही दिन के समय भी जब शरीर थका हुआ महसूस करे, तो 20-30 मिनट की एक छोटी झपकी (Nap) ले लें। सोने के लिए आरामदायक पोजीशन चुनें और ढीले कपड़े पहनें ताकि आपको बेहतर नींद आ सके।

 

हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट अपनाएं

 

क्या आप जानती हैं कि आपके खाने का सीधा संबंध आपके मूड से होता है? बहुत ज्यादा मीठा, कैफीन या जंक फूड खाने से ब्लड शुगर लेवल अचानक बढ़ता और घटता है, जिससे मूड स्विंग्स और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं। इसकी जगह अपनी डाइट में प्रोटीन, फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर चीजें शामिल करें। हरी सब्जियां, ताजे फल, नट्स और साबुत अनाज खाएं। इसके अलावा, शरीर में पानी की कमी न होने दें, क्योंकि डिहाइड्रेशन भी सुस्ती और चिड़चिड़ापन बढ़ा सकता है।

 

 

‘मी-टाइम’ निकालें और हॉबीज को वक्त दें

 

घर और आने वाले बच्चे की तैयारियों के बीच अक्सर महिलाएं खुद के लिए वक्त निकालना भूल जाती हैं। दिनभर में कम से कम आधा घंटा सिर्फ अपने लिए निकालें, जिसे हम ‘मी-टाइम’ कहते हैं। इस दौरान वो काम करें जो आपको सच्ची खुशी देता है—जैसे अपनी पसंद का धीमा संगीत सुनना, कोई अच्छी किताब पढ़ना, पेंटिंग करना या बस आराम से बैठकर अपनी पसंदीदा हर्बल चाय पीना। यह आपके मूड को तुरंत फ्रेश कर देगा।

 

गर्भावस्था में मनपसंद और मधुर संगीत सुनना तनाव को कम करने का बेहतरीन उपाय है।

प्रेग्नेंसी में मूड स्विंग्स होना पूरी तरह से प्राकृतिक है, इसलिए खुद को इसके लिए बिल्कुल भी दोषी न ठहराएं और न ही ज्यादा तनाव लें। यह एक छोटा सा फेज है जो समय के साथ ठीक हो जाएगा। बस खुद से प्यार करें, खुश रहें और इस सफर के हर पल का आनंद लें। अगर आपको लगता है कि आपकी उदासी या एंग्जायटी बहुत ज्यादा बढ़ रही है और कंट्रोल नहीं हो रही, तो बिना झिझक अपने डॉक्टर से इस बारे में बात करें।

By AMRITA

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