
शराब पीने की लत एक बहुत ही गंभीर समस्या है। जिन लोगों को भी शराब पीने की आदत होती है उनके शरीर में कई ऐसी बीमारियां और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं घर करने लगती है जिससे उन्हें ताउम्र छुटकारा नहीं मिल पाता है अगर कोई इंसान शराब की आदत छोड़ने के लिए कोशिश भी करता है तो भी उसके शरीर को बहुत सारे कष्ट झेलने पड़ते हैं। जिन लोगों ने भी शराब की आदत से खुद को मुक्त किया है उनका शरीर बुढ़ापा आने तक काफी कमजोर हो चुका होता है ऐसे में उन्हें आम लोगों की अपेक्षा कई और भी गंभीर समस्याएं झेलनी पड़ती हैं।
शराब पीने की आदत छोड़ने वाले वृद्ध लोगों को अचानक शराब छोड़ने से गंभीर ‘विथड्रॉल सिंड्रोम’ (जैसे तेज घबराहट, अत्यधिक थकान, और भ्रम) का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, लंबे समय में इससे उनका लिवर, बीपी, और हृदय रोग का जोखिम कम होता है, लेकिन बुढ़ापे में पुरानी बीमारियों और दवाओं के कारण विशेष देखभाल जरूरी है।वृद्धावस्था में शराब छोड़ने पर होने वाले स्वास्थ्य प्रभावों को मुख्य रूप से दो भागों में समझा जा सकता है।
पहला :
शराब छोड़ने के तुरंत बाद उम्र बढ़ने के साथ शरीर की कार्यप्रणाली धीमी हो जाती है। जब कोई बुजुर्ग व्यक्ति अचानक भारी शराब पीना छोड़ता है, तो उनका तंत्रिका तंत्र असंतुलित हो जाता है।
भ्रम और मानसिक उलझन: बुजुर्गों में झटके (tremors) आने के बजाय भ्रम (confusion) की स्थिति अधिक होती है।
गंभीर लक्षण: कभी-कभी डिलेरियम ट्रेमेंस (Delirium tremens), दौरे (seizures) या मतिभ्रम (hallucinations) जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
थकान और कमज़ोरी: शरीर शराब पर निर्भर रहने के बाद जब खुद को ठीक करने की कोशिश करता है, तो बहुत अधिक थकान और कमज़ोरी महसूस हो सकती है।
दूसरा:
लंबे समय तक शराब छोड़ने के फायदे :शराब छोड़ने के कुछ हफ्तों से लेकर महीनों के भीतर शरीर में चमत्कारिक सुधार आने शुरू होते हैं ।
लिवर की रिकवरी: लंबे समय तक भारी पीने के बाद भी कई मामलों में फैटी लिवर या सूजन ठीक होने लगती है।
ब्लड प्रेशर और हृदय स्वास्थ्य: रक्तचाप (Blood Pressure) सामान्य होने लगता है, जिससे स्ट्रोक और हृदय रोगों का खतरा कम होता है।
पाचन तंत्र में सुधार: पेट की जलन, एसिडिटी, और एसिड रिफ्लक्स से राहत मिलती है।
मानसिक संतुलन: धीरे-धीरे नींद में सुधार और एंग्जायटी या डिप्रेशन में कमी आती है।
ध्यान देने योग्य महत्वपूर्ण बातें
मेडिकल डिटॉक्स ज़रूरी: चूँकि बुजुर्गों का शरीर शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर होता है, इसलिए अचानक शराब छोड़ने के बजाय किसी विशेषज्ञ की देखरेख में (Inpatient medical detox) इसे धीरे-धीरे छोड़ना सबसे सुरक्षित है।
दवाइयों में बदलाव: उम्रदराज लोग कई अन्य बीमारियों (जैसे ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, गठिया) की दवाइयां ले रहे होते हैं। शराब छोड़ने पर इन दवाइयों के असर में बदलाव आ सकता है, इसलिए डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है।
