ब्लूबेरी एक बेहतरीन सुपरफ़ूड है जो दिल की बीमारियों और टाइप 2 डायबिटीज के जोखिम को कम करने, याददाश्त बढ़ाने, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने, वजन बनाए रखने और न्यूरोप्रोटेक्शन (दिमाग की सुरक्षा) में मदद करने के लिए जानी जाती है।

यह छोटी लेकिन असरदार बेरी पोषक तत्वों से भरपूर होती है और इसमें ज़बरदस्त एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो सेल को होने वाले नुकसान से बचाते हैं और शरीर के कामकाज को बेहतर बनाते हैं। इनमें विटामिन C और K और मैंगनीज़ भी भरपूर मात्रा में होते हैं।

 

ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम करती है ब्लूबेरी

 

इतना ही नहीं ब्लूबेरी हड्डियों की सेहत को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं। HT लाइफस्टाइल में छपे एक आर्टिकल में डॉक्टरों की ओर से दावा किया गया कि ब्लूबेरी खाने से ऑस्टियोपोरोसिस का ख़तरा कैसे कम हो सकता है। ब्लूबेरी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों की वजह से इन्हें हड्डियों की सेहत के लिए अच्छी डाइट में एक ज़रूरी चीज माना जा रहा है। भले ही कोई एक खास खाना अकेले ऑस्टियोपोरोसिस का इलाज नहीं हो सकता, लेकिन नई रिसर्च से पता चलता है कि ब्लूबेरी हड्डियों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं, जिससे उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों के कमजोर होने या उनके नुकसान का खतरा कम हो सकता है।

 

क्रोनिक सूजन को करती है कम

 

इसके अलावा ब्लूबेरी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व (जैसे एंथोसायनिन जैसे पॉलीफेनोल्स) ऑक्सीडेटिव डैमेज और क्रोनिक सूजन को कम करने में मददगार पाए गए हैं ये दोनों ही प्रक्रियाएं हड्डियों के क्षय (bone decay) के लिए जिम्मेदार हैं। ऑर्थोपेडिस्ट के अनुसार, ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्चर से बचने के लिए बोन मास (हड्डी का द्रव्यमान) बनाए रखना बहुत ज़रूरी है। जानवरों पर किए गए प्रयोगशाला प्रयोगों से पता चला है कि ब्लूबेरी में पाए जाने वाले कुछ यौगिक ऑस्टियोब्लास्टिक कार्यों को बढ़ावा देते हैं, यानी नई हड्डी के ऊतकों (bone tissues) के निर्माण में मदद करते हैं। साथ ही, ये यौगिक ऑस्टियोक्लास्ट नामक कोशिकाओं की गतिविधि को रोकते हैं, जो हड्डियों को नष्ट करने का काम करती हैं।

 

इन लोगों को अलर्ट रहने की जरूरत

 

जिन लोगों को ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा ज़्यादा है (जैसे मेनोपॉज़ के बाद की महिलाएं, वे लोग जिनके परिवार में यह बीमारी रही हो, या जिन्हें कोई खास बीमारी हो), उन्हें नियमित रूप से बोन डेंसिटी टेस्ट करवाना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

परामर्श: 

“अपनी डाइट में ब्लूबेरी जैसे पौष्टिक चीज़ों को शामिल करना एक हेल्दी लाइफ़स्टाइल के लिए आसान और सुखद बदलाव हो सकता है।

 

 

By AMRITA

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