
बढ़ती उम्र अपने साथ कई शारीरिक व मानसिक समस्याएं लेकर आती है। लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि शरीर अकड़ जाए और दिन-ब-दिन कमजोर होता जाए। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय बताता है कि नियमित योग अभ्यास से उम्र बढ़ने पर भी शरीर चुस्त, लचीला और स्वस्थ बनाए रखा जा सकता है।
मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 (21 जून) की आधिकारिक थीम ‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’ है। इसके साथ ही खास तौर पर बुजुर्गों के लिए आसान योगासनों की सिफारिश की है। इनमें एक महत्वपूर्ण अभ्यास है- ‘कटि शक्ति विकासक’। यह आसान योग क्रिया मुख्य रूप से शरीर के मध्य भाग (धड़) को मजबूत और लचीला बनाती है। इससे रीढ़ की हड्डी की गतिशीलता बढ़ती है, कमर की अकड़न कम होती है और रोजमर्रा के काम जैसे झुकना, बैठना और चलना आसान हो जाता है।
योग एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह अभ्यास बुजुर्गों में शारीरिक हलचल बनाए रखने और दैनिक जीवन की गुणवत्ता सुधारने में बहुत उपयोगी है। स्वस्थ बुढ़ापा कोई संयोग नहीं बल्कि छोटे-छोटे और लगातार प्रयासों का परिणाम होता है। योग इन प्रयासों का सबसे अच्छा माध्यम है। ‘कटि शक्ति विकासक’ जैसे अभ्यास नियमित करने से न सिर्फ शारीरिक लचीलापन बढ़ता है बल्कि संतुलन, मजबूती और स्वास्थ्य भी बेहतर होता है।
‘कटि शक्ति विकासक’ खड़े होकर किया जाने वाला आसान अभ्यास है। इसमें कमर को धीरे-धीरे दाईं और बाईं तरफ घुमाया जाता है। शुरुआत में धीरे-धीरे करें और सांस पर पूरा ध्यान दें। किसी योग विशेषज्ञ की देखरेख में शुरू करना बेहतर होता है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें पहले से कमर या जोड़ों की समस्या हो।
विश्व योग दिवस को लेकर मंत्रालय लगातार नए-नए योगासनों के अभ्यास, उनसे मिलने वाले फायदों के बारे में जानकारी दे रहा है। एक्सपर्ट का मानना है कि उम्र चाहे जितनी भी हो, योग के जरिए स्वस्थ और सक्रिय जीवन जिया जा सकता है। इसी कड़ी में मंत्रालय लगातार कई हस्तियों से जुड़े पोस्ट भी कर रहा है, जो आमजन को योग के प्रति प्रोत्साहित भी कर रहे हैं।
