क्या आपको पीरियड्स के दौरान अपने पेट के निचले हिस्से में, दाईं या बाईं ओर, बहुत ज़्यादा दर्द होता है? क्या आपके पीरियड्स के दिन दर्द भरे होते हैं? ऐसा ओवेरियन सिस्ट की वजह से हो सकता है।

कई महिलाओं को अपनी प्रजनन की उम्र के दौरान ओवरीज़ में सिस्ट हो जाते हैं। कुछ महिलाओं को एक ओवरी में सिर्फ़ एक सिस्ट होता है। कुछ महिलाओं को एक ही ओवरी में दो या तीन सिस्ट हो सकते हैं। यह भी देखा गया है कि कई महिलाओं को दोनों ओवरीज़ में कई सिस्ट होने का ज़्यादा खतरा होता है।

अगर आपको ओवेरियन सिस्ट का पता चला है, तो आप दवाएँ ले रही होंगी। आपके गायनेकोलॉजिस्ट सिस्ट के आकार के हिसाब से आपको दवाएँ देते हैं। कुछ मरीज़ों को दवाएँ फ़ायदेमंद लगती हैं, क्योंकि वे सिस्ट का आकार कम करने में मदद करती हैं।

अगर आप ओवरीज़ में सिस्ट होने से बचना चाहती हैं, तो सबसे अच्छे तरीकों में से एक है योग करना। ओवेरियन सिस्ट के लिए योग के आसन ओवरीज़ को सिस्ट से दूर रखने में बहुत फ़ायदेमंद होते हैं। इस लेख में, हम ओवेरियन सिस्ट से बचने के लिए 5 सबसे अच्छे योग आसनों के बारे में जानेंगे।

ओवेरियन सिस्ट के लिए आपको कौन से योग आसन करने चाहिए?

1️⃣बटरफ़्लाई पोज़ (तितली आसन): 

यह योग आसन करने से पेल्विक (श्रोणि) क्षेत्र मज़बूत होता है। यह आसन करते समय आपको कोई तकलीफ़ महसूस नहीं होगी। अपनी प्रजनन क्षमता को बेहतर बनाने के लिए, यह योग आसन करना बहुत ज़रूरी है।

फ़ायदे

🔸बटरफ़्लाई पोज़ से पेल्विक क्षेत्र की अकड़न और दर्द कम होता है।

🔸ओवरीज़ के आस-पास के क्षेत्र में रक्त संचार बेहतर होता है।

🔸जब आप धीरे-धीरे योग स्ट्रेच करती हैं, तो आपके प्रजनन अंग सक्रिय हो जाते हैं।

2️⃣गारलैंड पोज़ (माला आसन):

गारलैंड पोज़ प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देता है। यह योग आसन पेट के मुख्य हिस्से (कोर) और पेल्विक क्षेत्र को मज़बूत बना सकता है। यह आसन करने से पूरे पेल्विक क्षेत्र में रक्त का प्रवाह बेहतर होता है।

फ़ायदे

🔸यह योग आसन हार्मोन को नियंत्रित रखता है।

🔸पेट फूलने (ब्लोटिंग) की समस्या को रोकता है।

🔸पूरी ओवरीज़ में रक्त का प्रवाह बेहतर करता है।

3️⃣कोबरा पोज़ (भुजंगासन):

कोबरा पोज़ पेल्विक क्षेत्र में पर्याप्त रक्त की आपूर्ति करता है। जब पेल्विक क्षेत्र में पर्याप्त रक्त का प्रवाह होता है, तो वहाँ दर्द या तकलीफ़ होने की संभावना कम हो जाती है।

फ़ायदे

🔸इस योग आसन में पीछे की ओर हल्का झुकने से ओवरीज़ और गर्भाशय मज़बूत होते हैं।

🔸इस योग आसन की मदद से हार्मोन को नियंत्रित किया जा सकता है।

🔸पेट के मुख्य हिस्से (कोर) और रीढ़ की हड्डी को मज़बूत रखता है।

4️⃣कैट-काऊ पोज़:

कैट-काऊ पोज़ करने से शरीर की ऊर्जा बाहर निकलती है और साथ ही आपका नर्वस सिस्टम भी मज़बूत होता है। इस पोज़ की मदद से आप तनाव को असरदार तरीके से कंट्रोल कर सकते हैं।

फ़ायदे

🔸हल्के स्ट्रेच से आपको जकड़न और पेट फूलने की समस्या से राहत मिलती है।

🔸यह आपके कोर और रीढ़ की हड्डी की गतिशीलता को बेहतर बनाता है।

🔸रीढ़ की हड्डी के लयबद्ध मूवमेंट की मदद से पेल्विक एरिया के हर हिस्से में खून का संचार बेहतर होता है।

5️⃣चाइल्ड पोज़:

चाइल्ड पोज़ पेल्विक एरिया को आराम देने और तनाव कम करने में मदद करता है। यह पोज़ उन महिलाओं के लिए बहुत फ़ायदेमंद है जिन्हें ओवेरियन सिस्ट की समस्या है। ओवेरियन सिस्ट के लिए यह योगा पोज़ करने से पेल्विक एरिया में खून का संचार काफ़ी बढ़ जाता है।

फ़ायदे

🔸इस योगा पोज़ में धीरे-धीरे और गहरी साँस लेने से तनाव और घबराहट को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

🔸इस पोज़ से रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से और पेट के आस-पास के एरिया में होने वाली जकड़न कम होती है।

🔸इसके हल्के स्ट्रेच पीरियड्स के दौरान होने वाले पेट के दर्द (क्रैम्प्स) से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं।

आखिरी बातें

जब भी आपके पास समय हो, ऑनलाइन योगा क्लास में शामिल हों, ताकि आप योगा पोज़ आसानी से सीख सकें। अगर आपको कोई पोज़ समझ में न आए कि उसे कैसे करना है, तो अपने योगा इंस्ट्रक्टर से पूछें, ताकि आप हर आसन को सही तरीके से कर सकें।

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