
ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज 2023 के आंकड़ों के मुताबिक साल 2023 तक दुनिया भर में 130 करोड़ लोग फैटी लिवर से पीड़ित थे।
खतरनाक बात यह है कि 2050 तक यह आंकड़ा 180 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
फैटी लिवर एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें लिवर सेल्स में एक्स्ट्रा फैट जमा हो जाती है। यह समस्या बिना किसी खास लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ सकती है और लिवर सिरोसिस या लिवर फेलियर जैसी गंभीर समस्याओं का रूप ले सकती है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि फैटी लिवर के मामले आखिर क्यों इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं और इससे बचाव के लिए आपको क्या करना चाहिए।
किन वजहों से हो सकता है फैटी लिवर?
मोटापा और ज्यादा वजन– शरीर का वजन सामान्य से ज्यादा होना लिवर की बीमारियों का सबसे बड़ा कारण बनकर उभरा है।
इंसुलिन रेजिस्टेंस- जब शरीर के सेल्स इंसुलिन हार्मोन का ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाते और शुगर ब्लड में जमा होने लगता है, तो यह लिवर पर दबाव डालता है।
टाइप 2 डायबिटीज- हाई ब्लड शुगर या हाइपरग्लाइसीमिया के मरीजों में फैटी लिवर का खतरा बहुत ज्यादा होता है।
हाई ट्राइग्लिसराइड्स- खून में ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर बढ़ने से लिवर की काम करने की क्षमता प्रभावित होती है।
जेनेटिक्स- कई मामलों में यह बीमारी परिवार के इतिहास या जेनेटिक्स की वजह से भी हो सकती है।
फैटी लिवर से बचाव के लिए क्या करना चाहिए?
डाइट में सुधार- अपनी डाइट से प्रोसेस्ड और जंग फूड को बाहर निकालें। इनकी जगह फल, सब्जियां, साबुत अनाज और हेल्दी फैट्स को डाइट में शामिल करें। मेडिटेरेनियन डाइट लिवर के स्वास्थ्य के लिए सबसे बेहतर मानी जाती है।
मीठे और शराब से दूरी- सोडा, स्पोर्ट्स ड्रिंक्स, पैकेट बंद जूस और बहुत मीठी चाय या कॉफी जैसी ड्रिंक्स से बचें क्योंकि इनमें चीनी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। साथ ही, शराब पूरी तरह बंद कर दें, क्योंकि यह लिवर को सीधा नुकसान पहुंचाती है।
वजन पर नियंत्रण- अगर आपका वजन ज्यादा है, तो अपने डॉक्टर की मदद से इसे धीरे-धीरे कम करने की कोशिश करें। अगर आपका वजन सामान्य है, तो हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज के जरिए इसे बनाए रखें।
एक्सरसाइज- रोजाना कम से कम 30 मिनट मीडियम इंटेंसिटी की एक्सरसाइज करें और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाने की कोशिश करें। लगातार बैठे रहना भी लिवर को नुकसान पहुंचाता है।
