हमारी सुनने की क्षमता कान के तीन हिस्सों (बाहरी, मध्य और भीतरी कान) से आती है, साथ ही उस तंत्रिका मार्ग से भी, जो ध्वनि तरंगों को कान से दिमाग तक ले जाता है। जब इस प्रणाली का कोई भी हिस्सा अवरुद्ध हो जाता है या ठीक से काम नहीं करता है, तो सुनने की क्षमता में कमी आ जाती है।

सुनने की क्षमता में कमी हल्की से लेकर गंभीर तक हो सकती है और, इसके कारण के आधार पर, यह अस्थायी या स्थायी हो सकती है। इस लेख में, हम सुनने की क्षमता में कमी के विभिन्न प्रकारों के बारे में जानेंगे।

सुनने की क्षमता में कमी के प्रकार

️कंडक्टिव हियरिंग लॉस (Conductive hearing loss):

इस प्रकार की सुनने की कमी तब होती है, जब ध्वनि बाहरी और मध्य कान से होकर भीतरी कान तक नहीं पहुँच पाती है।

️सेंसरीन्यूरल हियरिंग लॉस (Sensorineural hearing loss):

इस प्रकार की सुनने की कमी तब होती है, जब भीतरी कान को नुकसान पहुँचता है या भीतरी कान से दिमाग तक जाने वाली तंत्रिकाओं में कोई समस्या आ जाती है। यह सुनने की क्षमता में कमी का सबसे आम प्रकार है।

️मिक्स्ड हियरिंग लॉस (Mixed hearing loss):

इस प्रकार की सुनने की कमी, कंडक्टिव हियरिंग लॉस और सेंसरीन्यूरल हियरिंग लॉस का एक मिला-जुला रूप होती है।

अंतिम विचार

अपने कानों का ठीक से ख्याल रखें। यदि आप अपने कानों का गलत इस्तेमाल करते हैं, तो भविष्य में आपको सुनने की क्षमता में कमी से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

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