
हर जगह की अपनी – अपनी कोई न कोई खास पकवान होते हैं, ऐसे ही गुजरात में भी कई पकवान प्रसिद्ध हैं। जैसे- खाखड़ा,फाफड़ा, जलेबी,थेपला, ढोकला, गांठिया, चौड़ा फली वगैरह -वगैरह। आज हम बात करेंगे गांठिया की जिसे लगभग हर घर में नाश्ते के रूप में लिया जाता है। इसे लोग घर में भी बनाते हैं और बाजार में भी यह बड़ी आसानी से मिल जाती है।
गुजरात की प्रसिद्ध गांठिया (Gathiya) एक स्वादिष्ट नमकीन है, लेकिन सेहत के दृष्टिकोण से यह मुख्य रूप से नुकसानदायक हो सकती है, यदि इसका सेवन नियमित रूप से किया जाए। यह बेसन से बनी एक डीप-फ्राइड (तली हुई) स्नैक है।
सेहत के लिए नुकसान :
उच्च कैलोरी और फैट: चूंकि गांठिया को तेल में तला जाता है, इसमें कैलोरी और वसा (fat) की मात्रा बहुत अधिक होती है।
हृदय रोग का जोखिम: ज्यादा गांठिया खाने से धमनियों में ब्लॉकेज (artery obstruction) का खतरा बढ़ सकता है, जिससे हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है।
वजन बढ़ना: उच्च वसा और कैलोरी के कारण यह वजन तेजी से बढ़ा सकता है।
उच्च सोडियम: इसमें नमक (sodium) की मात्रा ज्यादा हो सकती है, जो हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए हानिकारक है।
यूरिक एसिड: यूरिक एसिड बढ़ने पर या जोड़ों में दर्द (गठिया) की समस्या होने पर, तली हुई और प्रोसेस्ड चीजें कम खानी चाहिए।
स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से:
प्रोटीन का स्रोत: चूंकि यह बेसन (चना दाल का आटा) से बनती है, इसमें कुछ मात्रा में प्रोटीन होता है।
अजवाइन और हींग: पारंपरिक रूप से इसमें अजवाइन और हींग का उपयोग किया जाता है, जो पाचन में सहायक हो सकते हैं।
परामर्श :
गांठिया एक “हेल्दी स्नैक” नहीं है। इसे कभी-कभार स्वाद के लिए खाना ठीक है, लेकिन चाय के साथ हर रोज खाना सेहत के लिए नुकसानदेह है। यदि आप सेहतमंद रहना चाहते हैं, तो भुने हुए चने, मखाना या खखरा जैसे स्वस्थ विकल्पों को चुनें।
अमृता कुमारी – नेशन्स न्यूट्रिशन क्वालीफाइड डायटीशियन डायबिटीज एजुकेशन अहमदाबाद
