
अपेंडिसाइटिस एक मेडिकल स्थिति है जिसमें अपेंडिक्स, जो बड़ी आंत से जुड़ा एक छोटी उंगली जैसा अंग होता है, में सूजन आ जाती है।
इस स्थिति को एक इमरजेंसी माना जाता है क्योंकि अपेंडिक्स फटने से ‘पेरिटोनाइटिस’ नामक एक गंभीर इन्फेक्शन हो सकता है, जो जानलेवा भी हो सकता है। अपेंडिसाइटिस सबसे ज़्यादा 10 से 30 साल की उम्र के लोगों में होता है, हालाँकि यह किसी भी उम्र में हो सकता है।
इस लेख में, हम अपेंडिसाइटिस के कारणों और लक्षणों के बारे में जानेंगे।
अपेंडिसाइटिस के मुख्य कारण
🔸अपेंडिक्स के मुँह में रुकावट:
यह सबसे आम कारण है, जो अक्सर मल (फेकोलिथ), किसी बाहरी चीज़, या गाढ़े म्यूकस के कारण होता है।
🔸बैक्टीरियल या वायरल इन्फेक्शन:
अगर पाचन तंत्र में कोई वायरल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन हो जाता है, तो इससे अपेंडिक्स में मौजूद लिम्फैटिक ऊतकों में सूजन आ सकती है, जिससे रुकावट पैदा हो जाती है।
🔸गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकार:
क्रोहन रोग या अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसी स्थितियाँ अपेंडिक्स में सूजन का कारण बन सकती हैं।
🔸चोट या आघात:
बहुत कम मामलों में, पेट में लगी चोट के कारण भी अपेंडिसाइटिस हो सकता है।
🔸आनुवंशिक कारक:
कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि कुछ परिवारों में अपेंडिसाइटिस होने की आनुवंशिक प्रवृत्ति होती है।
अपेंडिसाइटिस के लक्षण
👉पेट में दर्द:
दर्द आमतौर पर नाभि के पास एक हल्की टीस के रूप में शुरू होता है और फिर पेट के निचले दाहिने हिस्से में चला जाता है। समय के साथ यह दर्द तेज़ और गंभीर होता जाता है।
👉मतली और उल्टी:
अक्सर दर्द शुरू होने के बाद मतली और उल्टी होती है, और यह बनी रह सकती है।
👉भूख न लगना:
अचानक खाने में कोई दिलचस्पी न रहना।
👉बुखार और कंपकंपी:
हल्का बुखार, जो इन्फेक्शन बढ़ने के साथ-साथ और भी बढ़ सकता है।
👉पेट में सूजन:
अपेंडिक्स में सूजन होने के कारण पेट में सूजन आ जाती है।
👉पाचन संबंधी समस्याएँ:
कब्ज़, दस्त, पेट फूलना, या गैस पास करने में दिक्कत होना।
👉हलचल करने पर दर्द का बढ़ना:
खाँसने, छींकने या चलने-फिरने से दर्द और भी तेज़ हो सकता है।
👉रिबाउंड टेंडरनेस:
पेट के निचले दाहिने हिस्से को दबाने पर शायद ज़्यादा दर्द न हो, लेकिन दबाव हटाने पर तेज़ दर्द हो सकता है।
अंतिम विचार
अपेंडिसाइटिस की समस्या को बढ़ने न दें। जैसे ही आपको इसके लक्षण दिखाई दें, तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
