
हमारे शरीर को शक्ति देने के लिए और अपने दैनिक कार्यों को पूरा करने के लिए अलग-अलग प्रकार के पोषक तत्वों की जरूरत पड़ती है, जो हमें हमारे भोजन और कुछ पेय पदार्थों से आसानी से मिल जाता है। प्रकृति में इसकी पूरी व्यवस्था है।
शरीर में पोषक तत्वों (Nutrients) की कमी से थकान, कमजोरी, बाल झड़ना, और त्वचा पीली पड़ना जैसे लक्षण दिख सकते हैं। इन कमियों को पूरा करने के लिए आयरन (पालक, बीन्स), कैल्शियम (दूध, दही), विटामिन (फल, सब्जियां) और प्रोटीन (दालें, अंडे) युक्त संतुलित आहार लेना सबसे अच्छा उपाय है।
विभिन्न पोषक तत्वों की कमी के प्रमुख लक्षण और उपाय:
आयरन (Iron):
लक्षण: अत्यधिक थकान, कमजोरी, बालों का झड़ना, पीली त्वचा।
उपचार/स्रोत: गुड़, बीन्स, पालक, चिकन, मटन, अनार।
प्रोटीन (Protein):
लक्षण: मांसपेशियों में कमजोरी, बालों का झड़ना, शरीर में सूजन (एडिमा), त्वचा का सूखापन।
उपचार/स्रोत: दालें, सोयाबीन, पनीर, अंडा, दूध।
कैल्शियम (Calcium):
लक्षण: हड्डियों में कमजोरी, जोड़ों का दर्द, मांसपेशियों में ऐंठन (cramps), अनियमित हृदय गति।
उपचार/स्रोत: दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां, बादाम।
विटामिन बी12 (Vitamin B12):
लक्षण: हाथ-पैरों में झुनझुनी, कमजोरी, चक्कर आना, जीभ में दर्द, याददाश्त में कमी।
उपचार/स्रोत: दूध, दही, पनीर, अंडे, मछली।
विटामिन डी (Vitamin D):
लक्षण: हड्डियां कमजोर होना, फ्रैक्चर का खतरा, रिकेट्स (बच्चों में)।
उपचार/स्रोत: सुबह की धूप, मछली, फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ।
विटामिन ए (Vitamin A):
लक्षण: रतौंधी (कम रोशनी में न दिखना), त्वचा का रूखापन।
उपचार/स्रोत: गाजर, शकरकंद, हरी सब्जियां, पीले फल (जैसे आम, पपीता)।
विटामिन सी (Vitamin C):
लक्षण: मसूड़ों से खून आना, चोट का धीरे भरना, कमजोरी।
उपचार/स्रोत: खट्टे फल (संतरा, नींबू), आंवला, टमाटर।
मैग्नीशियम (Magnesium):
लक्षण: मांसपेशियों में ऐंठन, अनिद्रा, सिरदर्द।
उपचार/स्रोत: मेवे (बादाम, काजू), बीज, हरी सब्जियां।
सामान्य उपाय:
संतुलित आहार अपनाएं, जिसमें रोटी, चावल, दाल, सब्जी, सलाद और फल शामिल हों। यदि लक्षण बने रहें, तो डॉक्टर से परामर्श लेकर ही सप्लीमेंट्स लें।
