एक आरामदायक बिस्तर और अच्छी और भरपूर नींद भला किसे पसंद नहीं है। नींद भर सोना हमारे शरीर के लिए उतना ही जरूरी है जितना कि खाना खाना है क्योंकि, हमारे शरीर के सभी अंगों को आराम की जरूरत होती है जो सिर्फ और सिर्फ सोने के दौरान ही उन्हें पूरी तरीके से मिल सकती है। लेकिन, इस नींद में खलन तब पड़ती है जब बिस्तर का गद्दा या हमारे तकिया का सिरहाने सही ना हो। जब हम किसी गलत बिस्तर और तकिए पर सोते हैं तो वह सिर्फ हमारी नींद में ही खलल नहीं डालती है बल्कि इसका हमारे शरीर के अंगो पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।

 

गलत तकिए पर सोने से न केवल आपकी नींद प्रभावित होती है, बल्कि यह शरीर के विभिन्न अंगों पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

 

गलत तकिए के इस्तेमाल से होने वाले मुख्य नुकसान :

गर्दन और रीढ़ की हड्डी में दर्द: बहुत ऊँचा या सख्त तकिया गर्दन की नसों और हड्डियों पर दबाव डालता है, जिससे सुबह उठने पर गर्दन में अकड़न और तेज दर्द हो सकता है। यह सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस का कारण भी बन सकता है।

पॉस्चर (मुद्रा) खराब होना: गलत तकिया रीढ़ की हड्डी के प्राकृतिक संरेखण (alignment) को बिगाड़ देता है। इससे लंबे समय में स्लिप डिस्क जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

सांस लेने में दिक्कत: तकिए की गलत ऊँचाई वायुमार्ग को बाधित कर सकती है, जिससे खर्राटे की समस्या बढ़ती है और स्लीप एपनिया जैसी स्थितियां बदतर हो सकती हैं।

त्वचा संबंधी समस्याएं (एक्ने): गंदे या गलत मटेरियल वाले तकिए पर सोने से चेहरे पर दबाव पड़ता है, जिससे पिंपल्स और झुर्रियां हो सकती हैं। यह त्वचा के छिद्रों को भी नुकसान पहुँचा सकता है।

माइग्रेन और सिरदर्द: यदि तकिया गर्दन को सही सहारा नहीं देता, तो मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जो अक्सर माइग्रेन या तनावपूर्ण सिरदर्द को ट्रिगर करता है।

नींद की कमी और मानसिक स्वास्थ्य: असहज तकिए के कारण रात भर करवटें बदलने से नींद पूरी नहीं होती, जिससे तनाव, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी आती है।

 

सोने की स्थिति के अनुसार सही तकिये का चुनाव: 

पीठ के बल: एक पतला तकिया जो गर्दन को सहारा दे।

करवट लेकर: कंधे की चौड़ाई के बराबर ऊँचा तकिया ताकि गर्दन और रीढ़ सीधी रहे।

पेट के बल: बिना तकिए के या बहुत पतले तकिए के साथ सोना बेहतर माना जाता है।

 

परामर्श: 

हमेशा नर्म और अच्छी क्वालिटी वाले तकिये का चुनाव करें

स्पंज की जगह सिमर या कपास की रुई से बना तकिया बेहतर होता है।

ज्यादा सख्त और सिंथेटिक रुई वाले तकिये का इस्तेमाल न करें।

सफेद रुई से बना तकिया ही इस्तेमाल करें

तकिया की साफ सफाई का पूरा ध्यान रखें।

By AMRITA

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