आजकल लगभग हर घर में एल्युमिनियम फॉयल का उपयोग किया जाता है। चाहे बची हुई रोटियों को लपेटना हो, सब्जियों को ढकना हो या टिफिन पैक करना हो, एल्युमिनियम फॉयल को सबसे सुविधाजनक और तेज़ विकल्प माना जाता है।इसकी हल्की प्रकृति के कारण लोग इसे सुरक्षित मानते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह सुविधा आपकी सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है हाल के वर्षों में कई शोधों ने यह संकेत दिया है कि एल्युमिनियम फॉयल का अत्यधिक और गलत उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। विशेष रूप से, जब इसमें गर्म भोजन रखा जाता है या इसे लंबे समय तक स्टोर किया जाता है, तो यह शरीर में एल्युमिनियम की मात्रा को बढ़ा सकता है।

रिसर्च के निष्कर्ष

दिसंबर 2024 में खाद्य बायोसाइंस जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन ने लोगों को चौंका दिया। इस अध्ययन में पाया गया कि जब मछली को उच्च तापमान पर एल्युमिनियम फॉयल में भुना गया, तो फॉयल से धातु मछली में चली गई। शोधकर्ताओं के अनुसार, जितना अधिक फॉयल का उपयोग किया गया, उतनी ही अधिक मात्रा में एल्युमिनियम भोजन में मिला।

एक अन्य अध्ययन में बेकिंग के दौरान एल्युमिनियम फॉयल के प्रभाव का परीक्षण किया गया। इसमें सैल्मन, मैकेरल, चिकन, पोर्क, टमाटर और चीज जैसे कई खाद्य पदार्थ शामिल थे। परिणामों में यह सामने आया कि इन खाद्य पदार्थों में एल्युमिनियम की मात्रा चालीस गुना तक बढ़ गई। यह जानकारी उन लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो नियमित रूप से फॉयल में खाना पकाते या स्टोर करते हैं.
एल्युमिनियम फॉयल और बर्तनों का गलत उपयोग स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, एल्युमिनियम खट्टे, नमकीन और मसालेदार खाद्य पदार्थों के साथ जल्दी प्रतिक्रिया करता है। टमाटर, नींबू, सिरका, अचार और ग्रेवी जैसे खाद्य पदार्थों में यह प्रतिक्रिया अधिक होती है।

जब ऐसे खाद्य पदार्थों को एल्युमिनियम फॉयल में लपेटा जाता है या एल्युमिनियम के बर्तनों में रखा जाता है, तो धातु भोजन में मिल सकती है। यह प्रक्रिया धीरे-धीरे शरीर में एल्युमिनियम के जमा होने का कारण बनती है। गर्म रोटी या गर्म भोजन को एल्युमिनियम फॉयल में लपेटना सुरक्षित नहीं है। लंबे समय तक ऐसा करने से किडनी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

By ANJALI

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