बॉक्स ब्रीदिंग एक बहुत आसान सांस लेने की एक्सरसाइज है।इसे भारत के साथ – साथ अमेरिकी नेवी के कमांडो और एथलीट भी इस्तेमाल करते हैं जब उन्हें बहुत ज्यादा टेंशन में भी शांत रहना होता है।

 

इसका नाम बॉक्स ब्रीदिंग क्यों पड़ा?

 

क्योंकि इसमें सांस लेने के 4 स्टेप होते हैं और हर स्टेप बराबर समय का होता है, जैसे बॉक्स की चारों साइड बराबर होती हैं।

 

1. पहली साइड – सांस लेना: नाक से 4 सेकंड तक गहरी सांस लो

2. दूसरी साइड – रोकना: सांस को फेफड़ों में 4 सेकंड तक रोक कर रखो

3. तीसरी साइड – सांस छोड़ना: मुंह से 4 सेकंड में धीरे-धीरे पूरी सांस बाहर निकालो

4. चौथी साइड – फिर रोकना: सांस बाहर निकालने के बाद 4 सेकंड तक बिना सांस के रुको

बस ये एक बॉक्स पूरा हुआ। फिर से इसी को दोहराओ। कम से कम 30 सेट दोहराते रहना है।

 

ये काम कैसे करता है?

 

जब हम घबराते हैं तो हमारी सांस तेज हो जाती है। बॉक्स ब्रीदिंग हमारी सांस को जबरदस्ती धीमा कर देता है। इससे दिमाग को सिग्नल जाता है कि सब ठीक है, खतरा नहीं है, और हमारा शरीर अपने आप शांत हो जाता है।

 

किसके लिए है?

 

जो लोग जल्दी घबरा जाते हैं, जिन्हें नींद नहीं आती, काम में मन नहीं लगता, या हर समय तनाव में रहते हैं, उनके लिए ये सबसे आसान और फ्री का उपाय है। इसके लिए कोई पैसा, कोई मशीन नहीं चाहिए।

बॉक्स ब्रीदिंग के फायदे और नुकसान

 

बॉक्स ब्रीदिंग को 4-4-4-4 ब्रीदिंग भी कहते हैं।

4 सेकंड सांस लो – 4 सेकंड रोको – 4 सेकंड में सांस छोड़ो – 4 सेकंड रोके रखो। इसका आकार बॉक्स जैसा बनता है, इसलिए ये नाम पड़ा।

 

फायदे :

 

1. तनाव और घबराहट कम होती है: इससे हमारा नर्वस सिस्टम शांत होता है। तनाव वाला हार्मोन कॉर्टिसोल कम होता है।

 

2. ध्यान और फोकस बढ़ता है: मन एक जगह टिकता है। पढ़ाई या काम से पहले 2 मिनट करने से दिमाग तेज काम करता है।

 

3. नींद अच्छी आती है: रात में सोने से पहले करने से दिल की धड़कन धीमी होती है और नींद जल्दी आती है।

 

4. ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है: गहरी सांस से नसें रिलैक्स होती हैं।

 

5. फेफड़ों की ताकत बढ़ती है: रोज़ करने से फेफड़े ज्यादा ऑक्सीजन ले पाते हैं।

 

नुकसान और सावधानियां :

 

1. दमा के मरीजों के लिए ठीक नहीं: जिनको अस्थमा, COPD है, उनके लिए सांस रोकना तकलीफ दे सकता है।

 

2. चक्कर आना: शुरुआत में ज्यादा देर सांस रोकने से सिर घूमना या हाथों में झुनझुनी हो सकती है।

 

3. लो BP वालों को ध्यान देना चाहिए: ज्यादा गहरी सांस से BP और कम हो सकता है।

 

4. गलत तरीके से करने पर नुकसान: जोर-जोर से या बहुत तेजी से करने पर फायदे की जगह नुकसान होगा।

 

सही तरीका:

सीधे बैठें, आंखें बंद करें। नाक से 4 तक गिनते हुए सांस लें, 4 तक रोकें, मुंह से 4 तक गिनते हुए धीरे छोड़ें, फिर 4 तक बिना सांस के रहें। रोज 4 से 5 बार करें।

 

अगर आपको सांस या दिल की कोई बीमारी है तो शुरू करने से पहले डॉक्टर से एक बार पूछ लें।

By AMRITA

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