किसी भी वैवाहिक जीवन में पति – पत्नी के बीच की आपसी समझ, एक दूसरे के प्रति सम्मान, निस्वार्थ प्रेम और सुख-दुख में साथ निभाना सबसे अहम होता है। जब बात प्रेम की आती है तो पति-पत्नी के प्रेम का एक रूप उनके बीच शारीरिक संबंध (सेक्स) का भी होता है। यह किसी भी वैवाहिक जीवन की बहुत ही सुखद घटना है और वैज्ञानिक तौर पर संतान उत्पत्ति का एक जरिया भी।

लेकिन, शारीरिक संबंध बनाना केवल आपसी सुख और आनंद का जरिया नहीं है, बल्कि यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में भी बेहद मददगार है। इसके साथ ही, यौन स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए स्वच्छता (Hygiene) बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

 

शारीरिक संबंध बनाने के मुख्य फायदे:

नियमित और सुरक्षित शारीरिक संबंध बनाने से शरीर और मन को निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:

 

 मानसिक स्वास्थ्य और तनाव से राहततनाव में कमी: संबंध बनाने के दौरान शरीर में एंडोर्फिन और ऑक्सीटोसिन जैसे ‘फील-गुड’ हार्मोन रिलीज होते हैं, जो कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) के स्तर को कम करते हैं।

बेहतर नींद: ऑर्गेज्म (संभोग सुख) के बाद प्रोलैक्टिन हार्मोन रिलीज होता है, जिससे शरीर रिलैक्स होता है और गहरी व अच्छी नींद आती है।

शारीरिक और हृदय स्वास्थ्य  के लिए फायदेमंद: यह एक तरह की शारीरिक कसरत है। यह रक्त संचार को सुधारता है और हृदय रोगों के खतरे को कम करता है।

कैलोरी बर्न होना: आधे घंटे की यौन गतिविधि से लगभग 80 से 100 से अधिक कैलोरी बर्न होती है, जो फिटनेस बनाए रखने में मदद करती है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity): अध्ययनों के अनुसार, नियमित रूप से सक्रिय रहने वाले लोगों में इम्यून सिस्टम मजबूत होता है, जिससे शरीर सामान्य संक्रमणों से बेहतर लड़ पाता है।

दर्द से राहत और मांसपेशियों की मजबूती प्राकृतिक पेनकिलर:

संबंध बनाने के दौरान ऑक्सीटोसिन का स्तर बढ़ने से सिरदर्द, बदन दर्द और पीरियड्स के ऐंठन (Cramps) में राहत मिलती है।

पेल्विक फ्लोर की मजबूती: महिलाओं में पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे यूरिन लीकेज (Incontinence) जैसी समस्याओं से बचाव होता है।

 

यौन स्वच्छता (Sexual Hygiene) का महत्व

 

शारीरिक संबंध बनाने के दौरान शरीर के तरल पदार्थ (Fluids) और त्वचा के सीधे संपर्क के कारण बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है। संक्रमण से बचने के लिए स्वच्छता के इन नियमों का पालन करना जरूरी है:

संबंध बनाने से पहले की स्वच्छता:

हाथ और जननांगों की सफाई: किसी भी प्रकार के संक्रमण (Infection) को फैलने से रोकने के लिए अंगों को साफ पानी से धोएं।

ओरल हाइजीन: मुंह की साफ-सफाई और ब्रश करना भी जरूरी है ताकि सांसों की ताजगी बनी रहे।

 

संबंध बनाने के तुरंत बाद की स्वच्छता:

 

पेशाब करना (Urinate): संबंध बनाने के तुरंत बाद (विशेषकर महिलाओं के लिए) पेशाब करना सबसे जरूरी है। इससे मूत्रमार्ग (Urethra) में आए बैक्टीरिया बाहर निकल जाते हैं और यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) का खतरा काफी कम हो जाता है।

हल्के गुनगुने पानी से सफाई: जननांगों को आगे से पीछे की ओर (Front to Back) साफ पानी से धीरे से धोएं। तेज खुशबू वाले साबुन या केमिकल वाले डिशेज (Vaginal Douches) का इस्तेमाल न करें, क्योंकि ये प्राकृतिक pH संतुलन को बिगाड़ सकते हैं।

सूखे कपड़े पहनना: सफाई के बाद अंगों को साफ तौलिये से सुखाएं और ढीले, सूती (Cotton) अंडरवियर पहनें ताकि नमी न रहे।

सुरक्षित आदतों का पालन:

कंडोम का सही निपटान: इस्तेमाल किए गए कंडोम को सुरक्षित रूप से डस्टबिन में फेंकें।

सुरक्षित संबंध (Safe Sex): यौन संचारित रोगों (STIs) जैसे HIV, क्लेमीडिया आदि से बचने के लिए हमेशा सुरक्षा (कंडोम) का उपयोग करें।शारीरिक संबंध आपके आपसी रिश्ते को भावनात्मक रूप से मजबूत बनाता है, लेकिन इसे हमेशा दोनों पार्टनर की आपसी सहमति (Consent) और स्वच्छता के साथ ही किया जाना चाहिए।

By AMRITA

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