बच्चों के संपूर्ण विकास (शारीरिक और मानसिक) के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी है। आप बच्चों की प्रोटीन की पूर्ति के लिए उनकी डाइट में दूध, दही, पनीर, दालें, अंडे, मूंगफली (पीनट बटर), और मेवे शामिल कर सकते हैं।

बच्चों की उम्र के अनुसार उन्हें हर दिन अलग-अलग मात्रा में प्रोटीन की आवश्यकता होती है –

 

1 से 3 साल के बच्चे: लगभग 13 से 16 ग्राम

4 से 6 साल के बच्चे: लगभग 19 से 22 ग्राम

7 से 10 साल के बच्चे: लगभग 25 से 34 ग्राम

 

आसानी से प्रोटीन देने के तरीके:

 

डेयरी उत्पाद: दूध और दही प्रोटीन के सबसे बेहतरीन स्रोत हैं। बच्चों को दूध के अलावा पनीर और चीज़ भी खिला सकते हैं।

अंडे: एक उबले अंडे में करीब 6 ग्राम प्रोटीन होता है।

शाकाहारी विकल्प: दालें, राजमा, और सोयाबीन (सोया चंक्स) शाकाहारी बच्चों के लिए प्रोटीन के पावरहाउस हैं।

नट्स और बीज: बादाम, काजू और पीनट बटर (मूंगफली का मक्खन) भी प्रोटीन का अच्छा माध्यम हैं।

 

बच्चों के स्वास्थ्य के लिए प्रोटीन का महत्व: 

 

♦बच्चों के बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास के लिए प्रोटीन बहुत आवश्यक है।

♦यह शरीर के ऊतकों (tissues), मांसपेशियों और कोशिकाओं का मुख्य निर्माण खंड है।

♦यह बच्चों में तेजी से होती शारीरिक वृद्धि में मदद करता है और मस्तिष्क के विकास तथा इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में प्रमुख भूमिका निभाता है।

 

बच्चों के लिए प्रोटीन के मुख्य कार्य और लाभ निम्नलिखित हैं:

 

शारीरिक वृद्धि और मरम्मत: प्रोटीन मांसपेशियों, हड्डियों, त्वचा और बालों के निर्माण के लिए जरूरी है।यह चोट लगने पर घाव को जल्दी भरने में मदद करता है।

मस्तिष्क का विकास: प्रोटीन में मौजूद अमीनो एसिड बच्चों की सीखने की क्षमता और संज्ञानात्मक कार्यों (cognitive function) को बेहतर बनाते हैं।

प्रतिरक्षा प्रणाली (Immunity) का निर्माण: यह शरीर में एंटीबॉडी बनाने में मदद करता है, जो बच्चों को संक्रमण और बीमारियों से बचाते है।

ऊर्जा का स्रोत: प्रोटीन बच्चों को लंबे समय तक ऊर्जावान बनाए रखता है और उनके रक्त शर्करा (blood sugar) को नियंत्रित रखता है।

By AMRITA

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