हीट स्ट्रोक गर्मी से होने वाली एक बहुत ही गंभीर बीमारी है। यह तब होता है जब शरीर का तापमान 40°C से ऊपर चला जाता है और इसका असर नर्वस सिस्टम पर पड़ता है। यह खतरनाक स्थिति तब पैदा होती है जब शरीर अपने तापमान को ठीक से कंट्रोल नहीं कर पाता और शरीर की अतिरिक्त गर्मी बाहर नहीं निकल पाती, जिससे हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

आइए इस लेख में हम हीट स्ट्रोक के लक्षणों और कारणों के बारे में जानते हैं।

हीट स्ट्रोक के मुख्य लक्षण

☑️शरीर का तापमान 40°C से ज़्यादा हो जाना।

☑️मानसिक स्थिति में बदलाव आना—जैसे भ्रम की स्थिति से लेकर बेहोशी तक।

☑️त्वचा का गर्म और सूखा होना, या बहुत ज़्यादा पसीना आना।

☑️तेज़ साँस चलना और दिल की धड़कन का बढ़ जाना।

तेज़ सिरदर्द होना।

☑️जी मिचलाना और उल्टी होना।

☑️मांसपेशियों में कमज़ोरी या ऐंठन होना।

☑️त्वचा का लाल पड़ जाना।

हीट स्ट्रोक के मुख्य कारण

हीट स्ट्रोक में योगदान देने वाले पर्यावरणीय कारकों में शामिल हैं:

🔸वातावरण का तापमान बहुत ज़्यादा होना।

🔸ज़्यादा नमी होने के कारण पसीना सूख न पाना।

हवा के आने-जाने की खराब व्यवस्था (वेंटिलेशन की 🔸कमी)।

🔸ठंडा रहने की सुविधाओं तक सीमित पहुँच होना।

शारीरिक कारकों में शामिल हैं:

🔸शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)।

🔸दिल के काम करने की क्षमता का कमज़ोर पड़ जाना।

🔸शरीर के तापमान को नियंत्रित करने की क्षमता का कम हो जाना।

निष्कर्ष

यदि आपको हीट स्ट्रोक के लक्षण महसूस हों, तो बिना किसी देरी के तुरंत डॉक्टरी मदद लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *