लू एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है। यह तब होती है जब शरीर का तापमान 40°C से ज़्यादा हो जाता है। ऐसा अक्सर बहुत ज़्यादा गर्मी में लंबे समय तक रहने या गर्म माहौल में ज़ोरदार शारीरिक काम करने से होता है। अगर समय पर इसका इलाज न किया जाए, तो इससे दिमाग, दिल, किडनी और मांसपेशियों जैसे अंगों को नुकसान पहुँच सकता है।

भारत में बढ़ते तापमान और बार-बार चलने वाली लू को देखते हुए, इससे बचाव के तरीकों को समझना बहुत ज़रूरी है।

लू से बचाव के असरदार तरीके

🔸नियमित रूप से तरल पदार्थ (पानी, जूस आदि) पीकर शरीर में पानी की सही मात्रा बनाए रखें।

🔸हल्के व ढीले-ढाले कपड़े पहनें, जिनका रंग हल्का हो।

🔸दिन में सबसे ज़्यादा गर्मी के समय (सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक) बाहर की गतिविधियों को सीमित रखें।

🔸गर्मी से राहत पाने के लिए पंखे, एयर कंडीशनिंग या पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल करें।

🔸थोड़ी-थोड़ी देर में हल्का खाना खाएँ। अपने खाने में ऐसे फल और सब्ज़ियाँ ज़्यादा शामिल करें जिनमें पानी की मात्रा ज़्यादा हो।

🔸जो लोग बाहर काम करते हैं, उनके लिए छाँव वाली जगहों पर तय समय पर ब्रेक लेना और नियमित रूप से पानी पीना बहुत ज़रूरी है।

🔸जिन लोगों को पहले से कोई गंभीर बीमारी है, उन्हें बहुत ज़्यादा गर्मी के दौरान अपनी दवाओं में किसी भी बदलाव के लिए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

निष्कर्ष

अगर आपको लू के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स के असंतुलन और अंगों के काम करने की स्थिति की जाँच करवाएँ।

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