
भारतीय किसानी में पशुओं का भी बहुत योगदान रहा है। हमेशा से ही गाय, बैल, भैंस, बकरी, ऊंट, घोड़ा जैसे पालतू जानवरों ने भारतीय किसानों की भरपूर मदद की है और उन्हें आर्थिक रूप से सबल बनाया है। भारत में गाय का दूध हमेशा से अमृत मान जाता है। उसे शिशुओं के लिए एक पूर्ण आहार के रूप में भी देखा जाता है। जिन बच्चों को मां का दूध नसीब नहीं हो पता उन्हें गाय का दूध देने की सलाह दी जाती है। लेकिन कई बच्चों को गाय के दूध से भी एलर्जी होती है जिसे लेक्टोज इनटोलरेंस बोलते हैं ऐसे में बकरी का दूध या फिर ऊंट का दूध भी बच्चों को पिलाया जाता है।ऊंट का दूध बहुत ही महंगा और बहुत ही मुश्किल से मिलता है लेकिन बकरी हमारे भारतीय किसानों के घर में जरूर मिल जाती है इसीलिए आसानी से उपलब्ध भी है। आज हम बकरी के स्वास्थ्य के ऊपर बात करेंगे। जिस बकरी का दूध पीकर हमारे बच्चे पोषक तत्वों का आनंद ले पाते हैं उन बकरियों के पोषण का भी हमें ख्याल रखना जरूरी है।
बकरी का संतुलित आहार
बकरी का संतुलित आहार उसे स्वस्थ रखने और तेज विकास (दूध/मांस) के लिए आवश्यक है। इसमें हरा चारा (40-50%), सूखा चारा (40-50%), और दानेदार मिश्रण (10-20%) का सही अनुपात शामिल होना चाहिए। रोजाना 6-8 घंटे चरना, साथ ही 250-300 ग्राम दाना मिश्रण और साफ पानी देना सबसे अच्छा है।
बकरी के संतुलित आहार के मुख्य घटक:
चारा (Roughage): हरा चारा (बरसीम, रिजका, जई) और सूखी घास/भूसा। बकरियां चरना पसंद करती हैं, इसलिए उन्हें झाड़ियों और पत्तियां (आम, कटहल, सहजन) भी दें।
दानेदार मिश्रण (Concentrate): 40% मक्का, 10% चने का छिलका (फाइबर के लिए), और 50% गेहूँ का चोकर या अन्य अनाज का मिश्रण।
खनिज लवण (Minerals): आहार में खनिज नमक या मिनरल मिक्चर अवश्य मिलाएं।
अन्य: पेट संबंधी समस्याओं से बचाव के लिए थोड़ा बेकिंग सोडा (मीठा सोडा) देना फायदेमंद हो सकता है।
विशेष आहार आवश्यकताएं:
ग्याभिन बकरी (Pregnant Goat): गर्भावस्था के अंतिम 6-7 सप्ताह में अच्छे किस्म का हरा चारा और 300-400 ग्राम अतिरिक्त दाना देना चाहिए।
दुधारू बकरी (Milking Goat): प्रति किलो दूध के उत्पादन पर 300-400 ग्राम अतिरिक्त दाना दें।
बढ़ते बच्चे (Kids): प्रोटीन युक्त आहार (जैसे अल्फाल्फा) विकास के लिए जरूरी है।
ध्यान रखने योग्य बातें:
हमेशा साफ़-सफाई से चारा दें; बकरियां दोबारा जमीन पर गिरा चारा नहीं खाती हैं।
अचानक चारे में बदलाव न करें, इससे पाचन खराब हो सकता है।
