
अप्रैल अभी आधा ही बीता है और गर्मी ने अपना चरम रूप दिखाना शुरू कर दिया है। ऐसे में इंसान तो इंसान जानवर और पक्षियों के लिए भी जीना मुश्किल हो जाता है। आइए आज जानते हैं कि इस गर्मी में अपने पालतू पशु – पक्षियों की देखरेख कैसे करें।
गर्मियों में पालतू जानवरों (Pets) की देखभाल करना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें हीटस्ट्रोक (Heatstroke) और निर्जलीकरण (Dehydration) का खतरा अधिक होता है।
पानी और हाइड्रेशन (Hydration): पालतू जानवरों को हमेशा साफ और ठंडा पानी पीने के लिए उपलब्ध कराएं। आप घर में अलग-अलग जगहों पर पानी के कटोरे रख सकते हैं। नारियल पानी या छाछ (बिना नमक के) भी दिया जा सकता है।
छायादार और हवादार स्थान: पालतू जानवरों को सीधी धूप से बचाएं और उन्हें घर के अंदर छायादार और हवादार जगह पर रखें।
व्यायाम का समय बदलें: सुबह जल्दी या शाम को देर से ही उन्हें टहलाने (walk) या व्यायाम करने ले जाएं, जब तापमान कम हो। दोपहर की गर्मी में न निकालें।
पंजे का ध्यान रखें: गर्म सड़कों और फुटपाथ से बचें, क्योंकि ये पालतू जानवरों के पंजों को जला सकते हैं। टहलने से पहले जमीन को छूकर देखें।
कार में कभी न छोड़ें: पालतू जानवरों को पार्क की गई कार में, खिड़कियां थोड़ी खुली होने पर भी, कभी भी न छोड़ें। कार के अंदर का तापमान बहुत तेजी से घातक स्तर तक बढ़ सकता है।
ग्रूमिंग (Grooming): नियमित ब्रशिंग करें ताकि ढीले बाल निकल जाएं, जिससे वे हल्का और ठंडा महसूस करें। हालाँकि, उन्हें पूरी तरह से शेव न करें, क्योंकि उनके बाल उन्हें धूप से बचाते हैं।
हीटस्ट्रोक के लक्षण पहचानें: अगर पालतू जानवर ज्यादा हांफ रहा है, सांस लेने में तकलीफ हो रही है, लार टपक रही है या सुस्त लग रहा है, तो तुरंत पशु चिकित्सक (Vet) से सलाह लें।
आहार में बदलाव: गर्मियों में उन्हें आसानी से पचने वाला और हल्का भोजन दें। तरबूज जैसे पानी की उच्च मात्रा वाले फल खिलाना भी फायदेमंद हो सकता है।
अन्य महत्वपूर्ण बातें:
पशुओं को दिन में 2-3 बार ताजे पानी से नहलाएं।
घर के आसपास के सामुदायिक पशुओं (community animals) के लिए भी पीने के पानी की व्यवस्था करें।
