एसाइटिस में कैसा हो भोजन और रहन सहन? 

एसाइटिस (Ascites) या जलोदर, जिसमें पेट में असामान्य रूप से तरल पदार्थ जमा हो जाता है, मुख्य रूप से लिवर सिरोसिस या अन्य गंभीर बीमारियों के कारण होता है। इस स्थिति में खान-पान और रहन-सहन में सावधानी बरतना बहुत आवश्यक है।

 

भोजन में क्या करें? 

नमक/सोडियम कम करें: सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आहार में नमक (सोडियम) को बहुत कम कर दें (प्रतिदिन 2000 मिलीग्राम से कम)। नमक शरीर में पानी को रोकता है, जिससे एसाइटिस बढ़ता है।

प्रोटीन युक्त आहार: कम वसा वाला प्रोटीन शामिल करें, जैसे उबला हुआ चिकन, मछली, दालें, बीन्स, और टोफू।

साबुत अनाज: गेहूं का आटा, ओट्स, जौ या ज्वार का दलिया खाएं।

ताजे फल और सब्जियां: ताजे फल (जैसे पके हुए केले) और सब्जियां (गाजर, चुकंदर) को आहार में शामिल करें।

तरल पदार्थों का सेवन: डॉक्टर की सलाह के अनुसार पानी और अन्य तरल पदार्थों की मात्रा सीमित करें।

थोड़ा-थोड़ा खाएं: एक बार में भरपेट खाने के बजाय, दिन में कई बार थोड़ा-थोड़ा खाना खाएं ताकि पेट पर दबाव कम पड़े।

 

भोजन में क्या न करें ? 

प्रोसेस्ड फूड: डिब्बाबंद खाना, नमकीन, पापड़, आचार, और फास्ट फूड न खाएं क्योंकि इनमें सोडियम बहुत ज्यादा होता है।

शराब: शराब का सेवन बिल्कुल बंद कर दें, क्योंकि यह लिवर को और नुकसान पहुंचाता है।

 

रहन-सहन और सावधानियां (Lifestyle Changes):

वजन और तरल की निगरानी: हर दिन अपना वजन मापें। यदि वजन तेजी से बढ़ रहा है, तो डॉक्टर को तुरंत सूचित करें।

नियमित व्यायाम: डॉक्टर की सलाह के अनुसार हल्की कसरत करें।

धूम्रपान न करें: धूम्रपान से लिवर की सूजन बढ़ सकती है।

आरामदायक स्थिति: पेट में भारीपन महसूस होने पर आराम करें।

नियमित जांच: डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का सेवन करें और सभी अपॉइंटमेंट पर जाएं।

 

चेतावनी: यदि सांस लेने में कठिनाई हो या पेट में बहुत तेज दर्द हो, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।

By AMRITA

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