
फाइब्रॉएड (गर्भाशय की रसौली) के उपचार में खान-पान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। फाइबर युक्त आहार (हरी सब्जियां, फल), साबुत अनाज (जौ, ओट्स), और हरी चाय (Green Tea) का सेवन फाइब्रॉएड को कम करने में मदद कर सकता है। साथ ही चीनी, प्रोसेस्ड फूड, रेड मीट, और अधिक वसा वाले डेयरी उत्पादों से परहेज करना चाहिए।
फाइब्रॉएड के उपचार में फायदेमंद आहार :
हरी पत्तेदार सब्जियां और क्रुसिफेरस सब्जियां ⇒ ब्रोकली, पत्तागोभी, गोभी, शलजम, और पालक में इंडोल-3-कारबिनोल होता है, जो एस्ट्रोजन के स्तर को नियंत्रित करता है।
साबुत अनाज ⇒ ब्राउन राइस, ओट्स, जौ, और क्विनोआ पाचन में सुधार करते हैं और हार्मोन को संतुलित करने में सहायक होते हैं।
फल ⇒ ताजे फल, विशेषकर नींबू, संतरा, और जामुन जैसे विटामिन सी से भरपूर फल।
स्वस्थ वसा (Omega-3 Fatty Acids) ⇒अलसी के बीज (Flaxseeds), बादाम, अखरोट, और चिया के बीज।
हरी चाय (Green Tea) ⇒ इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट फाइब्रॉएड के ट्यूमर को कम करने में मदद करते हैं।
डेयरी और विटामिन डी ⇒ दही और कम वसा वाले दूध का सेवन, साथ ही धूप से मिलने वाला विटामिन डी भी फायदेमंद माना जाता है।
फाइब्रॉएड में जरूरी परहेज :
प्रोसेस्ड और जंक फूड ⇒ मैदा, फास्ट फूड, और पैकेटबंद स्नैक्स।
अतिरिक्त चीनी और मीठी चीजें ⇒ चीनी शरीर में सूजन और इंसुलिन का स्तर बढ़ाती है, जिससे फाइब्रॉएड बढ़ सकते हैं।
रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट ⇒ मांस का अधिक सेवन फाइब्रॉएड की वृद्धि से जुड़ा है।
अल्कोहल और कैफिन ⇒ शराब और कॉफी का अधिक सेवन एस्ट्रोजन के संतुलन को बिगाड़ता है।
गर्भाशय फाइब्रॉएड आहार योजना में शामिल होना चाहिए:
♣ बिना पके हुए (पोषक तत्वों को बनाए रखने के लिए) क्रूसिफेरस सब्जियां (ब्रोकोली, गोभी, केल, शलजम, वॉटरक्रेस, मूली) जो लीवर को विषहरण करने में मदद करती हैं।
♣ शरीर को विषहरण करने वाला भोजन (लहसुन, गाजर, चुकंदर), खूब पानी पीना और ग्रीन टी जैसे ऑक्सीकरण रोधी पीने से भी शरीर को विषहरण करने में मदद मिलती है।
♣ कैरोटिनॉयड (खुबानी, शकरकंद, गाजर, कद्दू और पालक) युक्त भोजन को शामिल किया जाना चाहिए, इसलिए विटामिन ई (बादाम, गेहूं के बीज, हेज़लनट्स और कॉड लिवर ऑयल) और विटामिन -1,2,3,6,12 के साथ भोजन करना चाहिए।
♣ जिन खाद्य पदार्थों से बचा जाना चाहिए, वे हैं जंक फूड, सैचुरेटेड फैटयुक्त भोजन, कृत्रिम मिठास, लाल मांस, शराब, पशु वसा, सोया उत्पाद।
♣ फाइब्रॉएड से पीड़ित लोगों को प्लास्टिक पात्र में पैक कुछ भी खाने से बचना चाहिए।
इन फूड आइटम का सेवन लिमिट में करें:
सैचुरेटेड फैट: बेकन, सॉसेज, अंडे की जर्दी, एवोकाडो और उच्च वसा वाले प्रसंस्कृत स्नैक्स जैसे कुकीज़ और पेस्ट्री से बचें, जो सैचुरेटेड फैट से भरे होते हैं।
लाल मांस: फाइब्रॉएड वालों के लिए स्तनधारियों और बत्तख से लाल मांस की सलाह नहीं दी जाती है। ये खाद्य पदार्थ एस्ट्रोजेन सहित हार्मोन में उच्च होने की संभावना है।
उच्च वसा वाले डेयरी उत्पाद: फाइब्रॉएड ट्यूमर वाली महिलाओं को उच्च वसा वाले डेयरी उत्पादों जैसे कि पूरे दूध, क्रीम और मक्खन की मात्रा को सीमित करने सलाह दी जाती है।
कैफीन वाले पेय पदार्थ: कैफीन युक्त सोडा, चाय, चॉकलेट और कॉफी से दूर रहें l
अत्यधिक नमकीन खाद्य पदार्थ: डिब्बाबंद सूप, पके हुए बीन्स, प्रेट्ज़ेल, चिप्स, अचार, जैतून और सूखे खाद्य पदार्थ से बचें।
सफेद खाद्य पदार्थ: इन खाद्य पदार्थों में पास्ता, सफेद रोटी, सफेद चावल, केक और कुकीज़ शामिल हैं।
क्या करे ?
♣ विषाक्त भोजन, उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले भोजन को कम से कम करें ।
♣ पौष्टिक और हार्मोन संतुलनकारी भोजन को अधिकतम करें ।
पाचन क्षारीय-एसिड संतुलन बनाए रखें
♣ कच्चे खाद्य पदार्थों का सेवन कम से कम करें ।
♣ खाद्य एलर्जी को खत्म करें ।
♣ पाचन का अनुकूलन करें ।
♣ प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाएं ।
♣ शरीर की नियमित सफाई करें ।
♣ जरूरत पड़ने पर शरीर को विषहरण करें ।
♣ तनाव मुक्त जीवन जीएं।
♠ जीवनशैली के सुझाव:
योग और व्यायाम: नियमित शारीरिक व्यायाम, जैसे योग और प्राणायाम, हार्मोन को संतुलित रखने में मदद करते हैं।
वजन नियंत्रण: स्वस्थ वजन बनाए रखने से फाइब्रॉएड के जोखिम कम हो सकते हैं।
अमृता कुमारी – नेशन्स न्यूट्रिशन क्वालीफाइड डायटीशियन डायबिटीज एजुकेटर – अहमदाबाद
