
कम उम्र में पीरियड्स (early menstruation)किसी भी बच्ची के लिए एक बेहद ही पीड़ादायक स्थिति है। कम उम्र में पीरियड्स का मतलब है कि एक बच्ची को 8-10 साल की उम्र से पहले ही मासिक धर्म शुरू हो जाना। इसे प्रीकॉशियस प्यूबर्टी (समय से पहले यौवन) भी कहा जाता है, जो आजकल की जीवनशैली में एक आम समस्या बन रही है।
कम उम्र में पीरियड्स के कारण (Causes of Early Periods):
बदलती जीवनशैली: जंक फूड का अधिक सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी और मोटापा प्रमुख कारण हैं। शरीर का वजन ज्यादा होने से हार्मोन जल्दी सक्रिय हो सकते हैं।
तनाव (Stress): आजकल बच्चों में पढ़ाई और अन्य गतिविधियों के कारण तनाव बढ़ रहा है, जो हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकता है।
प्लास्टिक का उपयोग: प्लास्टिक की बोतलों या डिब्बों में खाना/पानी पीने से हानिकारक रसायन (जैसे BPA) शरीर में जाते हैं, जो एस्ट्रोजन हार्मोन को प्रभावित करते हैं।
हार्मोनल असंतुलन: शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के स्तर में बदलाव।
पर्यावरणीय कारक: कुछ रसायनों का एक्सपोजर भी समय से पहले प्यूबर्टी को ट्रिगर कर सकता है।
कम उम्र में पीरियड्स के लक्षण (Symptoms):
♦ 8-9 साल की उम्र से पहले स्तन का विकास (Breast Buds)
♦ प्राइवेट पार्ट्स में बाल आना (Pubic Hair)।
♦ लंबाई में अचानक तेजी से बढ़ोतरी (Growth Spurt)।
♦ 9-10 साल से पहले ही पहला पीरियड (Menarche) आना।
♦ मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन।
रोकथाम और उपाय (Prevention & Management):
स्वस्थ आहार: बच्चों को जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड और ज्यादा मीठा खाने से रोकें। घर का बना पौष्टिक खाना (फल, सब्जियां) खिलाएं।
वजन नियंत्रित रखें: शारीरिक गतिविधि, खेलकूद या योग के लिए प्रोत्साहित करें ताकि मोटापा न बढ़े।
प्लास्टिक से बचाव: पानी पीने के लिए कांच या स्टील की बोतलों का इस्तेमाल करें।
तनाव कम करें: बच्चों को पर्याप्त नींद लेने दें और तनावमुक्त माहौल प्रदान करें।
चिकित्सकीय सलाह: यदि लक्षण बहुत कम उम्र (8 साल से पहले) में दिखें, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ या पीडियाट्रिशियन से तुरंत सलाह लें।
नोट: यदि बच्ची को 10 साल से पहले पीरियड आ रहा है, तो इसे सामान्य माना जा सकता है, लेकिन अगर यह 8-9 साल से पहले है, तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।
