सर्दियों की शुरुआत होते ही बाजार में सब्जियों की रौनक बढ़ जाती है और सबसे ज्यादा ध्यान खींचती है गाजर। ठेलों से लेकर मंडियों तक लाल और नारंगी रंग की गाजर एक साथ नजर आती हैं।ऐसे में लोग अक्सर उलझन में पड़ जाते हैं कि आखिर कौन-सी गाजर ज्यादा अच्छी और सेहतमंद है। कोई कहता है लाल गाजर सबसे बढ़िया होती है तो कोई नारंगी गाजर को ज्यादा फायदेमंद मानता है। सच यह है कि दोनों ही गाजर अच्छी होती हैं, बस उनका इस्तेमाल अलग-अलग कामों के लिए सही होता है। अगर सही काम के लिए सही गाजर चुन ली जाए तो स्वाद भी दोगुना हो जाता है और सेहत को भी पूरा फायदा मिलता है।

लाल गाजर खाने के फायदे

लाल गाजर खासतौर पर सर्दियों में ही मिलती है और यही वजह है कि इसे इस मौसम की सुपरफूड भी कहा जाता है। इसका रंग गहरा लाल होता है और स्वाद में यह काफी मीठी और रसदार होती है। यह न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होती है, बल्कि दिल की सेहत के लिए भी किसी रामबाण से कम नहीं मानी जाती। लाल गाजर में लाइकोपीन नाम का तत्व पाया जाता है, जो दिल की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। इसके अलावा यह शरीर को अंदर से गर्म रखने में भी मदद करती है। सर्दियों में रोजाना थोड़ी मात्रा में लाल गाजर खाने से पाचन बेहतर रहता है और कमजोरी भी दूर होती है। आयुर्वेद के अनुसार, लाल गाजर खून को साफ करने के साथ-साथ हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ाने में भी सहायक होती है, जिससे शरीर में कमजोरी और थकान दूर होती है। यही कारण है कि बड़े-बुजुर्ग सर्दियों में लाल गाजर खाने की सलाह देते हैं।

नारंगी गाजर खाने के फायदे

 

नारंगी गाजर साल भर बाजार में आसानी से मिल जाती है। यह लाल गाजर के मुकाबले थोड़ी सख्त होती है और इसमें पानी की मात्रा कम होती है। नारंगी गाजर में बीटा कैरोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो आंखों की रोशनी के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। यही बीटा कैरोटीन शरीर में जाकर विटामिन ए में बदलता है। नारंगी गाजर का स्वाद हल्का मीठा होता है और यह कच्ची खाने में ज्यादा अच्छी लगती है।

 

मोटी या पतली गाजर, क्या है सही चुनाव

 

अक्सर लोग सोचते हैं कि मोटी गाजर ज्यादा रसदार और अच्छी होगी, लेकिन यह सोच हमेशा सही नहीं होती। खासकर लाल गाजर के मामले में पतली और लंबी गाजर ज्यादा मीठी और पूरी तरह लाल होती है। मोटी लाल गाजर के बीच का हिस्सा कई बार सफेद और सख्त निकलता है, जिसका स्वाद फीका होता है। इसलिए बाजार से लाल गाजर लेते वक्त पतली, सीधी और चमकदार गाजर चुननी चाहिए। नारंगी गाजर में भी बहुत ज्यादा मोटी गाजर लेने से बचना बेहतर रहता है।

 

जूस और हलवे के लिए कौन-सी गाजर लें

 

अगर आप गाजर का जूस निकालने या गाजर का हलवा बनाने की सोच रहे हैं तो लाल गाजर ही सबसे सही विकल्प है। लाल गाजर में रस ज्यादा निकलता है और इसकी मिठास प्राकृतिक होती है। इससे हलवे में चीनी कम डालनी पड़ती है और रंग भी बहुत सुंदर आता है। जूस बनाने पर भी लाल गाजर का स्वाद ज्यादा अच्छा और गाढ़ा होता है। इसके अलावा सब्जी बनाने के लिए भी लाल गाजर बेहतर मानी जाती है क्योंकि यह जल्दी पक जाती है और मसालों के साथ अच्छे से घुल जाती है।

 

सलाद और अचार के लिए कौन-सी गाजर बेहतर

 

सलाद और अचार के लिए नारंगी गाजर सबसे अच्छी मानी जाती है। यह काटने पर भी अपनी शेप बनाए रखती है और मुंह में अच्छा कुरकुरापन देती है। नारंगी गाजर जल्दी गलती नहीं है, इसलिए अचार में लंबे समय तक टिकती है। अगर आप रोज सलाद में गाजर खाना पसंद करते हैं और अच्छा क्रंच चाहते हैं तो नारंगी गाजर ही खरीदें।

 

ताजी गाजर पहचानने का आसान तरीका

 

गाजर खरीदते वक्त उसकी ताजगी पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। ताजी गाजर पहचानने का सबसे आसान तरीका है उसे हल्का सा मोड़कर देखना। अगर गाजर कड़क आवाज के साथ टूट जाए तो समझिए वह ताजी है। अगर वह बिना टूटे मुड़ जाती है तो वह पुरानी हो चुकी है। ऐसी गाजर का स्वाद भी अच्छा नहीं होता।

 

रंग और सतह देखकर भी करें जांच

 

गाजर का रंग ऊपर से नीचे तक एक जैसा होना चाहिए। अगर ऊपर का हिस्सा हरा दिखे तो इसका मतलब है कि वह हिस्सा ज्यादा धूप में रहा है और स्वाद कड़वा हो सकता है। इसके अलावा गाजर की सतह बहुत ज्यादा रेशेदार या खुरदरी नहीं होनी चाहिए। ज्यादा रेशेदार गाजर आमतौर पर पुरानी होती है।

 

आखिर कौन-सी गाजर है सबसे अच्छी

 

सच यही है कि लाल और नारंगी दोनों गाजर अपनी-अपनी जगह पर सबसे अच्छी हैं। जूस, हलवा और सब्जी के लिए लाल गाजर बेहतर है, जबकि सलाद और अचार के लिए नारंगी गाजर ज्यादा सही रहती है। अगर आप बाजार में गाजर खरीदते वक्त थोड़ा सा ध्यान रखेंगे और सही पहचान के साथ चुनाव करेंगे, तो स्वाद भी शानदार मिलेगा और सेहत को भी पूरा फायदा होगा।

 

 

By ANJALI

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