सीने में जमे बलगम और खांसी को दूर करने के लिए चबाएं मुलेठी
मुलेठी एक बहुत ही फायदेमंद आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है। इसे खासतौर पर खांसी, गले की खराश और सर्दी में उपयोग किया जाता है।
मुलेठी में ऐसे गुण होते हैं जो गले की सूजन को कम करते हैं। जब खांसी ज्यादा होती है, तो गला सूखने लगता है। ऐसे में मुलेठी गले में नमी बनाए रखती है और जलन कम करती है।
अगर आपको बलगम वाली खांसी है, सीने में बलगम जमा हुआ है, तो भी मुलेठी का सेवन बेहत फायदेमंद होता है। ये सीने में जमे बलगम को ढीला करके बाहर निकालने का काम करती है।
सूखी खांसी में भी मुलेठी फायदा पहुंचाती है। इससे गले की खराश कम होती है और बार-बार खांसी नहीं उठती है। दरअसल, मुलेठी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण होते हैं, जो इंफेक्शन से लड़ने में मदद करते हैं।
आप मुलेठी के एक छोटे टुकड़े को चबाएंगी, तो आपको फायदा मिलेगा। इसके अलावा इसका काढ़ा भी पी सकती हैं या इसके पाउडर को शहद के साथ लेने से भी आराम आएगा।
मुलेठी सर्दी-खांसी और जुकाम से भी बचाती है। एक्सपर्ट का कहना है कि ये फेफड़ों को साफ करती है और गले की खुजली को दूर करती है।
बेशक मुलेठी खांसी और बलगम को कम करने में बेहद असरदार है, लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। ज्यादा मात्रा में लेने से नुकसान भी हो सकता है, इसलिए जरूरत के अनुसार ही इसका उपयोग करें।
