हमारे आसपास कई प्रकार पेड़-पौधे हैं, जो सिर्फ सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी किसी अमृत से कम नहीं है। ऐसे ही गिलोय है जो कई बीमारियों के लिए वरदान से कम नहीं है। आयुर्वेद में गिलोय को अमृता कहा गया है, जिसका मतलब होता है कि अमरत्व देने वाली बेल।

यह केवल एक औषधीय पौधा नहीं, बल्कि एक ऐसा प्राकृतिक टॉनिक है, जो शरीर को बीमारियों से लड़ने की अद्भुत क्षमता देता है। गिलोय शरीर को अंदर से डिटॉक्स करने के साथ-साथ इम्यूनिटी बूस्टर के रूप में काम करती है।  गिलोय के फायदे बताए गए है अगर आप रोज सुबह खाली पेट गिलोय के ताजे पत्ते चबाना शुरू कर दें, तो कई गंभीर और पुरानी बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है। यह एक ऐसी आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है, जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। इस जड़ी बूटी में बुखार, डेंगू, चिकनगुनिया, गाउट, वायरल बुखार, खांसी और जुकाम जैसे रोगों से लड़ने और उन्हें खत्म करने की पूरी क्षमता है।

गिलोय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को बूस्ट करने का काम करती है। वायरल, चिकनगुनिया या डेंगू जैसे संक्रमण में यह प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ाने और बुखार को जल्दी कंट्रोल करने में मदद करती है। रोज सुबह खाली पेट 2-3 गिलोय की पत्तियां धोकर चबाएं।

गिलोय शुगर के मरीजों के लिए भी बहुत लाभकारी हो सकती है। गिलोय इंसुलिन को कंट्रोल करने में मदद करती है। यह ब्लड शुगर लेवल को प्राकृतिक रूप से संतुलित करता है और डायबिटीज के रोगियों के लिए लाभकारी सिद्ध होता है। सुबह खाली पेट 2-3 ताजे गिलोय के पत्ते चबाएं या गिलोय का रस लें। इससे शुगर लेवल हाई नहीं होगा और सेहत को भी कई फायदे मिलेंगे।

पाचन संबंधी समस्याओं के लिए गिलोय बहुत फायदेमंद होती है। गिलोय लिवर को डिटॉक्स करता है, जिससे टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और शरीर स्वस्थ रहता है। यह पाचन को सुधारती है, जिससे कब्ज, एसिडिटी और गैस की समस्या को दूर होती है। यह आंतों को भी साफ करती है और भूख को कंट्रोल करती है। पाचन गड़बड़ी से जूझ रहे लोगों के लिए गिलोय बहुत असरदार हो सकती है।

जोड़ों के दर्द के लिए गिलोय का सेवन बहुत असरदार साबित हो सकता है। गिलोय में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो जोड़ों में सूजन और दर्द को कम करते हैं। गठिया और आर्थराइटिस के रोगियों के लिए गिलोय का सेवन बेहद फायदेमंद है। इसे शहद या गुनगुने पानी के साथ लेने से असर और तेज होता है।

गिलोय में बायोएक्टिव कंपाउंड्स होते हैं, जो कैंसर सेल्स के विकास को रोक सकते हैं। यह शरीर में कैंसर का कारण बनने वाले फ्री रेडिकल्स को खत्म करता है और स्वस्थ कोशिकाओं को डैमेज होने से बचाता है। रिसर्च के मुताबिक, गिलोय का सेवन कीमोथेरेपी के साइड इफेक्ट्स को भी कम कर सकता है।

 

 

 

By ANJALI

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