जूतों का सही चुनाव आपके पैरों की सुरक्षा, शारीरिक संतुलन और जोड़ों को गंभीर चोटों से बचाने के लिए बेहद जरूरी है। गलत साइज या गलत बनावट के जूते पहनने से न सिर्फ पैरों में दर्द होता है, बल्कि इसका सीधा असर आपके घुटनों, कूल्हों (hips) और रीढ़ की हड्डी पर भी पड़ता है। आइए जानते हैं कि जूतों का सही चुनाव क्यों जरूरी है और इसके क्या फायदे हैं।

 

जूतों का सही चुनाव क्यों है जरूरी?

चोटों से बचाव: सही कुशनिंग और ग्रिप वाले जूते दौड़ते या चलते समय पैरों पर पड़ने वाले झटके (shock) को सोख लेते हैं, जिससे मोच और मांसपेशियों के खिंचाव का खतरा कम होता है।

शारीरिक अलाइनमेंट (Body Alignment): पैर हमारे शरीर का आधार (foundation) हैं। सही जूता पहनने से शरीर का पोस्चर (posture) सही रहता है और पीठ व कमर का दर्द नहीं होता।

पैरों की बीमारियों से सुरक्षा: गलत फिटिंग के जूते पहनने से छाले (blisters), कॉर्न्स (corns), गोखरू (bunions) और नाखून का अंदर की तरफ बढ़ना (ingrown toenails) जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

जोड़ों के दर्द से राहत: सही आर्च सपोर्ट (arch support) न मिलने पर घुटनों और एड़ियों के जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे लंबे समय में आर्थराइटिस या जोड़ों के घिसने की समस्या हो सकती है।

ब्लड सर्कुलेशन में सुधार: बहुत तंग या टाइट जूते पहनने से पैरों में खून का दौरा प्रभावित होता है, जबकि सही फिटिंग से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रहता है

 

जूतों का सही चुनाव (Right Shoe Selection)

आपके पैरों की सुरक्षा, शारीरिक संतुलन और जोड़ों को गंभीर चोटों से बचाने के लिए बेहद जरूरी है। गलत साइज या गलत बनावट के जूते पहनने से न सिर्फ पैरों में दर्द होता है, बल्कि इसका सीधा असर आपके घुटनों, कूल्हों (hips) और रीढ़ की हड्डी पर भी पड़ता है।

 

सही जूते चुनने के मुख्य मापदंड

 

जूता खरीदते समय केवल उसकी लंबाई ही नहीं, बल्कि अन्य कई बातों का ध्यान रखना चाहिए:

 

विशेषता, सही चुनाव औरगलत चुनाव के नुकसान 

जूते का साइज (Size) अंगूठे और जूते के आगे के हिस्से में एक अंगूठे जितनी जगह (thumb’s width) होनी चाहिए।

बहुत टाइट होने पर दर्द और छाले; बहुत ढीला होने पर फिसलने का डर।

जूते की चौड़ाई (Width) पंजे को पूरी तरह फैलने की जगह मिलनी चाहिए (Wide toe box)।

संकीर्ण (narrow) होने से उंगलियां आपस में दबती हैं और बनियन (bunions) होता है।

आर्च सपोर्ट (Arch Support) आपके पैर के तलवे की बनावट (फ्लैट फुट या हाई आर्च) के अनुसार सपोर्ट। आर्च सपोर्ट न होने से तलवों में तेज दर्द (Plantar Fasciitis) हो सकता है।

सोल और कुशनिंग (Sole) लचीला और झटके सोखने वाला (Shock absorbing) सोल। हार्ड सोल होने से घुटनों और रीढ़ की हड्डी पर सीधा झटका लगता है।

 

सही जूता चुनने के लिए जरूरी टिप्स

 

शाम के समय खरीदारी करें: दिनभर चलने के कारण शाम तक पैर थोड़े सूज जाते हैं या बड़े हो जाते हैं। इसलिए शाम के वक्त लिया गया नाप सबसे सटीक फिटिंग देता है।

खड़े होकर नाप लें: जब भी पैर का नाप लें, हमेशा खड़े होकर लें क्योंकि खड़े होने पर शरीर के वजन से पैर पूरी तरह फैलते हैं।

दोनों पैरों में पहनकर देखें: हमारे दोनों पैरों के साइज में थोड़ा अंतर हो सकता है। हमेशा बड़े पैर के साइज के अनुसार ही जूता चुनें।

 

गतिविधि (Activity) के हिसाब से चुनें: रनिंग के लिए रनिंग शूज, जिम के लिए क्रॉस-ट्रेनर्स और रोजमर्रा के लिए वॉक शूज का ही इस्तेमाल करें, क्योंकि हर जूते की बनावट अलग काम के लिए होती है।

सपोर्टिव इनसोल: यदि आपको फ्लैट फीट या पैर में दर्द की शिकायत है, तो डॉक्टर (Podiatrist) की सलाह पर कस्टमाइज्ड इनसोल या ऑर्थोटिक्स का उपयोग करें।

By AMRITA

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