
हाई ब्लड प्रेशर आज दुनिया भर में करोड़ों लोगों के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है. ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने के लिए लोग दवाओं के साथ-साथ खानपान और लाइफस्टाइल में भी बदलाव करते हैं.
इसी बीच एक नई स्टडी में वैज्ञानिकों का एक अनोखा कॉम्बिनेशन सामने आया है. इस नई स्टडी में शोधकर्ताओं का दावा है कि चुकंदर जैसी नाइट्रेट से भरपूर चीजें खाने के बाद शुगर वाली च्यूइंग गम चबाने से कुछ समय के लिए ब्लड प्रेशर कम करने का असर बढ़ सकता है.
इस शोध में पहली बार यह पता लगाने की कोशिश की गई है कि मुंह के अंदर बनने वाला माहौल शरीर में नाइट्रेट के इस्तेमाल को किस तरह प्रभावित करता है. अध्ययन में पाया गया कि चुकंदर का जूस पीने के बाद शुगर वाली च्यूइंग गम चबाने से शरीर में नाइट्राइट का लेवल बढ़ा और ब्लड प्रेशर में मामूली लेकिन जरूरी कमी दर्ज की गई.
नाइट्रेट और ब्लड प्रेशर का संबंध?
चुकंदर, पालक और केल जैसी सब्जियों में नेचुरल रूप से नाइट्रेट पाया जाता है. हालांकि शरीर सीधे तौर पर नाइट्रेट का यूज नहीं कर सकता है इसके लिए सबसे पहले मुंह में मौजूद बैक्टीरिया नाइट्रेट को नाइट्राइट में बदलते हैं. नाइट्राइट बनने के बाद यह शरीर में कई जरूरी काम करता है. यह ब्लड वेसल्स को आराम पहुंचाने और उन्हें चौड़ा करने में मदद करता है, जिससे ब्लड का फ्लो बेहतर होता है और ब्लड प्रेशर कम होने में मदद मिलती है.
चुकंदर और च्यूइंग गम के कॉम्बिनेशन से घटेगा BP
यह समझना जरूरी है कि लार में एसिड की मात्रा नाइट्रेट को ज्यादा एक्टिव नाइट्राइट में बदलने की प्रक्रिया को कैसे प्रभावित करती है. ऐसे में उन्होंने बताया कि पहले की एक स्टडी में उनकी टीम ने पाया था कि चुकंदर के जूस के साथ ग्रेपफ्रूट जूस लेने से लार में एसिड की मात्रा कम हो गई थी और नाइट्रेट से नाइट्राइट बनने की प्रक्रिया धीमी पड़ गई थी. इसी आधार पर वैज्ञानिकों ने यह जांचने का फैसला किया कि अगर लार में एसिड की मात्रा बढ़ाई जाए तो क्या इसका उल्टा असर देखने को मिलेगा.
कैसे किया गया अध्ययन?
इस स्टडी में कुछ हेल्दी लोगों को शामिल किया गया. जिसमें सबसे पहले सभी को चुकंदर के जूस का एक शॉट पिलाया गया. इसके बाद उन्हें दो अलग-अलग ग्रुप में बांट दिया गया. एक ग्रुप को शुगर वाली च्यूइंग गम (Hubba Bubba Bubble Gum) दी गई, जबकि दूसरे समूह को शुगर-फ्री च्यूइंग गम (Wrigleys Extra) चबाने के लिए दी गई. सभी लोगों ने 3 से 6 घंटे तक च्यूइंग गम चबाई. इस दौरान शोधकर्ताओं ने उनके खून और लार की जांच की और समय-समय पर उनका ब्लड प्रेशर भी चेक किया. जिसमें करीब एक हफ्ते बाद सभी को फिर से स्टडी में शामिल किया गया. इस बार जिन्होंने पहले शुगर वाली गम चबाई थी, उन्हें शुगर-फ्री गम दी गई और जिन्होंने पहले शुगर-फ्री गम चबाई थी, उन्हें शुगर वाली गम दी गई.
स्टडी में क्या सामने आया?
अध्ययन में सामने आया कि शुगर वाली च्यूइंग गम चबाने वाले लोगों की लार में एसिडिटी बढ़ गई. उनकी लार का pH स्तर शुगर-फ्री गम चबाने वालों की तुलना में 1.4 अंक तक कम हो गया. इसके अलावा, उनके मुंह में नाइट्राइट की मात्रा 45 प्रतिशत ज्यादा पाई गई. वहीं शरीर में भी नाइट्राइट का स्तर 25 प्रतिशत ज्यादा दर्ज किया गया. शोधकर्ताओं ने यह भी देखा कि शुगर वाली च्यूइंग गम चबाने वाले लोगों का ब्लड प्रेशर कुछ हद तक कम हुआ. उनके सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर में करीब 3 mmHg और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर में लगभग 2 mmHg की कमी दर्ज की गई.
क्या हाई ब्लड प्रेशर का इलाज है यह तरीका?
शोधकर्ताओं ने साफ किया है कि इन निष्कर्षों का यह मतलब नहीं है कि लोग हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए नियमित रूप से शुगर वाली च्यूइंग गम चबाना शुरू कर दें. अध्ययन में देखा गया प्रभाव केवल कुछ घंटों तक ही बना रहा. इसके अलावा लंबे समय तक शुगर वाली चीजों को खाने से दांतों की सेहत और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है.
