
महिलाओं की सबसे बड़ी समस्या मासिक धर्म और उम्र बढ़ने के साथ घटती फर्टिलिटी है. जहां पीरियड्स की वजह से हर महीने महिलाओं को कई तरह की समस्याएं होती है वहीं उम्र बढ़ने के साथ उनपर मां बनने का प्रेशर पड़ने लगता है.
लेकिन अब इन समस्याओं को लेकर एक नई और आशाजनक खबर सामने आई है. दरअसल चीन की स्टेट की लेबोरेटरी ऑफ स्टेम सेल एंड रिप्रोडक्टिव बायोलॉजी में काम कर रही बायोलॉजिस्ट डॉ. होंगमेई वांग (Hongmei Wang) की टीम ने दावा किया है कि महिलाओं में पीरियड्स की संख्या साल में 12 से घटाकर सिर्फ 4 करने से अंडों का रिजर्व लंबे समय तक बचाया जा सकता है. इससे मेनोपॉज काफी देर से आएगा और महिलाएं उम्र भर मां बनने की क्षमता रख सकेंगी.
ओव्यूलेशन को कम करना शोध का आधार
महिलाएं जन्म से ही सीमित संख्या में अंडे लेकर पैदा होती हैं. हर मासिक चक्र में कुछ अंडे नष्ट होते जाते हैं. करीब 45-55 साल की उम्र में अंडों का पूरा स्टॉक खत्म होने पर मेनोपॉज आता है. डॉ. वांग की टीम का कहना है कि अगर ओव्यूलेशन (अंडा बनने की प्रक्रिया) को कम कर दिया जाए तो अंडों की बचत होगी. शुरुआती जानवरों (प्राइमेट्स) पर किए गए प्रयोगों में इस दिशा में सफलता मिली है. टीम ने स्टेम सेल तकनीक का भी इस्तेमाल किया है. उन्होंने बंदरों में आर्टिफिशियल ओवेरियन एक्टिविटी पैदा की और एक केस में लाइव बर्थ भी दर्ज की गई है. यह उपलब्धि दुनिया भर के वैज्ञानिकों के लिए बड़ी उम्मीद है.
ऐसे होगा पीरियड्स साल में 4 तक सीमित
शोधकर्ताओं का प्रस्ताव है कि हार्मोनल थेरेपी या नई दवाओं के जरिए मासिक चक्र को कंट्रोल किया जाएगा. साल में चार बार ही पीरियड्स आएंगे. बाकी समय ओव्यूलेशन को सप्रेस रखा जाएगा. इससे ना सिर्फ फर्टिलिटी बढ़ेगी बल्कि पीरियड्स से जुड़ी समस्याएं जैसे दर्द, एनीमिया, मूड स्विंग्स आदि भी काफी कम हो जाएंगी.
चुनौतियां भी कम नहीं
हालांकि, वैज्ञानिकों ने इसे लेकर चेतावनी भी दी है. ओव्यूलेशन कम करने से एस्ट्रोजन हार्मोन का उत्पादन भी घटेगा. एस्ट्रोजन हड्डियों की मजबूती, हृदय स्वास्थ्य और ब्रेन फंक्शन के लिए बेहद जरूरी है. अगर इसे लंबे समय तक इसे सप्रेस किया गया तो ऑस्टियोपोरोसिस, हार्ट प्रॉब्लम्स और अन्य साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं. इसलिए शोधकर्ता अभी संतुलित तरीके ढूंढ रहे हैं.
कब तक आएगा अमल में?
फिलहाल यह शोध प्रयोगात्मक चरण में है. इंसानों पर क्लिनिकल ट्रायल शुरू होने में अभी समय लगेगा. डॉ. वांग की टीम इसे सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए और अध्ययन कर रही है. अगर सफल रहा तो यह महिलाओं की जिंदगी पूरी तरह बदल देगा. करियर, शिक्षा और फैमिली प्लानिंग के बीच संतुलन बनाना आसान हो जाएगा.
