क्या आपको लगता है कि सभी बैक्टीरिया सेहत के लिए नुकसानदायक होते हैं? हैरानी की बात है कि सभी बैक्टीरिया नुकसानदायक नहीं होते। आपके शरीर में कुछ अच्छे बैक्टीरिया भी मौजूद होते हैं, जिन्हें प्रोबायोटिक्स कहा जाता है। प्रोबायोटिक्स जीवित फ़ायदेमंद बैक्टीरिया और/या यीस्ट का एक मिश्रण होते हैं, जो स्वाभाविक रूप से इंसानी शरीर में रहते हैं। ये अच्छे बैक्टीरिया से बने होते हैं, जो इंसानी शरीर को स्वस्थ रखने और उसे ठीक से काम करने में मदद करते हैं।

ये अच्छे बैक्टीरिया आपके शरीर से बुरे बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करते हैं। इस लेख में, हम जानेंगे कि प्रोबायोटिक्स आपकी सेहत के लिए क्यों ज़रूरी हैं।

आपकी सेहत के लिए प्रोबायोटिक्स का महत्व

👉आपकी आंत में अच्छे बैक्टीरिया का संतुलन बनाए रखता है:

जब कोई व्यक्ति बुरे बैक्टीरिया के संपर्क में आता है या बीमार पड़ जाता है, तो ये बैक्टीरिया पाचन तंत्र में असंतुलन पैदा कर सकते हैं। अब, यही वह समय है जब अच्छे बैक्टीरिया/प्रोबायोटिक्स काम करते हैं। प्रोबायोटिक्स/अच्छे बैक्टीरिया बुरे बैक्टीरिया से लड़ते हैं, संतुलन बहाल करते हैं, और फिर आंत की परत के ज़रिए ज़रूरी खनिजों को सोखने में भी मदद करते हैं।

👉दस्त (Diarrhoea) से बचाता है:

दस्त आंतों के संक्रमण के कारण होता है। लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया जैसे प्रोबायोटिक्स उन सूक्ष्मजीवों को दबाते हैं, जो दस्त का कारण बनते हैं। लैक्टोबैसिलस दही और डेयरी उत्पादों में स्वाभाविक रूप से मौजूद होता है। इसके सप्लीमेंट्स भी उपलब्ध हैं।

👉मानसिक सेहत में सुधार करता है:

क्या आप जानते हैं कि आपकी आंत को ‘दूसरा दिमाग’ कहा जाता है? अध्ययनों से पता चला है कि आंत और दिमाग की कोशिकाओं के बीच एक मज़बूत संबंध होता है, जिसे ‘आंत-दिमाग अक्ष’ (gut-brain axis) कहा जाता है। प्रोबायोटिक्स आपके दिमाग की तरह ही न्यूरोट्रांसमीटर बनाकर आपकी मानसिक सेहत में मदद कर सकते हैं। ये न्यूरोट्रांसमीटर आपकी नींद और मूड पर असर डाल सकते हैं।

👉खून में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने में मदद करता है:

कुछ खास तरह के प्रोबायोटिक्स होते हैं, जैसे कि लैक्टोबैसिलस वाले प्रोबायोटिक्स, जो खून में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने में मदद कर सकते हैं।

👉हाई ब्लड प्रेशर:

ऐसे सबूत मौजूद हैं, जिनसे पता चलता है कि कुछ खास तरह के प्रोबायोटिक्स हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी मदद कर सकते हैं।

तो अब तक आप प्रोबायोटिक्स के महत्व को समझ ही गए होंगे, लेकिन क्या आप प्रोबायोटिक्स के स्रोतों के बारे में जानते हैं? वे ये हैं:

🔸दही

🔸पारंपरिक छाछ (मट्ठा)

🔸कुछ प्रकार के चीज़ (cheese) और मोज़ेरेला

🔸किण्वित (fermented) अचार

🔸किमची

🔸कोम्बुचा.

अंतिम विचार

प्राकृतिक स्रोतों के अलावा, बाज़ार में प्रोबायोटिक्स के सप्लीमेंट्स भी उपलब्ध हैं। लेकिन यह सुनिश्चित करें कि इनका सेवन करने से पहले आप अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें, क्योंकि आपके डॉक्टर आपको सही खुराक समझने में मदद कर सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *