
गर्भावस्था में ड्राई फ्रूट्स (सूखे मेवे) फायदेमंद हैं, लेकिन अत्यधिक सेवन, नमकीन/तले हुए मेवे, और खराब गुणवत्ता वाले (एडल्ट्रेटेड) मेवों से बचना चाहिए। काजू (गैस के कारण), और अनहाइजीनिक मेवों को सीमित करना बेहतर है। खजूर, बादाम, और अंजीर भिगोकर खाने से ज्यादा फायदा होता है।

गर्भावस्था में इन ड्राई फ्रूट्स के सेवन में बरतें सावधानी:
नमकीन और मसालेदार ड्राई फ्रूट्स: प्रोसेस्ड या पैकेट बंद नमकीन मेवों में सोडियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो प्रेगनेंसी में सूजन और हाई बीपी का कारण बन सकती है।
चीनी मिले ड्राई फ्रूट्स (Candied Fruits): चीनी की परत वाले सूखे मेवे ब्लड शुगर लेवल बढ़ा सकते हैं, इसलिए इनसे बचें।
बहुत अधिक मात्रा में काजू/पिस्ता: काजू या पिस्ता का बहुत ज्यादा सेवन पाचन धीमा कर सकता है, गैस या जलन पैदा कर सकता है।
एडल्ट्रेटेड या खराब क्वालिटी के मेवे: जिन मेवों में कृत्रिम चमक (artificial polish) या केमिकल का इस्तेमाल हो, उन्हें न खाएं।
सुझाव:
भिगोकर खाएं: बादाम, अखरोट और किशमिश को रातभर भिगोकर सुबह खाना सबसे अच्छा होता है।
सीमित मात्रा (Moderate Quantity): रोजाना एक मुट्ठी से ज्यादा ड्राई फ्रूट्स न खाएं।
साफ-सफाई: सूखे मेवों को खाने से पहले अच्छी तरह धो लें।
अमृता कुमारी -नेशन्स न्यूट्रीशन क्वालीफाईड डायटीशियन डायबिटीज एजुकेटर, अहमदाबाद
