सर्दियों में ठंडी हवा, धूल और प्रदूषण के कारण लोगों की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है। इससे लोगों को सर्दी में जुकाम, खांसी, गले में सूजन होना सबसे आम है। जब लोगों को ये सब बीमारियां होती है, तो लोग आमतौर पर दवाइयों पर निर्भर हो जाते हैं, लेकिन शरीर को ऐसे आहार और औषधीय मसालों की जरूरत होती है जो गर्म प्रकृति के हों, कफ को कम करते हों और सिस्टम को अंदर से मजबूत करें।
साथ ही इनमें कोई साइड इफैक्ट भी नहीं होता। इसमें तेजपत्ता सबसे आम घरेलू नुस्खा है और इसका काढ़ा बनाना (tej patta peene ke fayde) भी बहुत आसान है। तेजपत्ता से जुड़े फायदे और काढ़ा की रेस्पी
तेजपत्ता से सर्दी-जुकाम कैसे कम होता है?
आयुर्वेद में तेजपत्ता को दीपनीय, पाचन सुधारक और कफ-हर माना गया है, यानी यह बलगम को कम करता है, सांस संबंधी समस्या में राहत देता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। तेजपत्ता भारतीय रसोई में सुगंध बढ़ाने के लिए बहुत इस्तेमाल होता है, लेकिन लोगों को इसके औषधीण गुणों के बारे में कम पता है।”
कफ को ढीला करना
सर्दियों में नाक बंद और गले में बलगम की परेशानी सबसे आम है और इस वजह से सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। तेजपत्ता कफ को पतला करने में मदद करता है, जिससे बलगम आसानी से निकलता है और नाक खुलने लगती है। इससे सांस लेने में हल्कापन महसूस होता है, खांसी कम होती है और गले की सूजन को आराम मिलता है।
सूजन को कम करना
सर्दी के दौरान गला और सिर दोनों में सूजन और भारीपन महसूस होता है। होते हैं, जो गले की सूजन कम करते हैं और सिरदर्द में राहत देते हैं। इससे सर्दी में होने वाली थकान भी कम महसूस होती है। इसलिए लोग सर्दियों में तेजपत्ता का काफी ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।
इम्युनिटी बढ़ना
सर्दियों में इम्युनिटी कमजोर होने पर लोग वायरस की चपेट में बहुत जल्दी आ जाते हैं। तेजपत्ता धीरे-धीरे शरीर की इम्युनिटी को सपोर्ट करता है। अगर लोग तेजपत्ता का रेगुलर इस्तेमाल करते हैं, तो एलर्जी की समस्या कम होती है और बार-बार होने वाली सर्दी कम होती है।
डाइजेशन में सुधार होना
सर्दियों में डाइजेशन काफी कमजोर हो जाता है और इससे कफ विकार बढ़ता है। तेजपत्ता का रेगुलर इस्तेमाल करने से पाचन में सुधार होता है, एसिडिटी की शिकायत कम रहती है और भूख बढ़ाता है। ठंड में मेटाबॉलिज्म को मजबूत करने में तेजपत्ता काफी कारगर है।इससे शरीर ठंड और संक्रमण से बेहतर मुकाबला कर पाता है।
