सर्दियां अपने साथ कई तरह की चीजें लेकर आती है. इस समय ठंडी-ठंडी हवाओं के साथ हल्की-फुलकी बीमारियां भी आती हैं. इस समय शरीर को अंदर से गर्म और मजबूत रखना बहुत ज़रूरी होता है.ऐसे में हल्दी एक ऐसी प्राकृतिक औषधि है जो हर घर में आसानी से मिल जाती है और सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं. हल्दी में मौजूद कर्क्यूमिनतत्व में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीसेप्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो सर्दी-जुकाम, खांसी, जोड़ों के दर्द और त्वचा की समस्याओं से बचाव करते हैं. सर्दियों में हल्दी का नियमित सेवन करने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और आप पूरे मौसम में ऊर्जावान और स्वस्थ बने रहते हैं. आइए इस आर्टिकल में जानते हैं कि सर्दियों में खुद को मजबूत रखने के लिए हल्दी का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं.
क्या सर्दियों में हल्दी वाला दूध पीना जरूरी होता है?
हां, बिल्कुल. हल्दी वाला दूध सर्दियों में शरीर को गर्म रखता है, मांसपेशियों के दर्द को कम करता है और नींद में सुधार लाता है. रोज़ रात को सोने से पहले एक गिलास गर्म हल्दी दूध पीना बेहद फायदेमंद है.
हल्दी सर्दी-जुकाम में कैसे मदद करता है?
हल्दी में एंटीसेप्टिक और एंटीवायरल गुण होते हैं जो सर्दी-जुकाम, गले की खराश और खांसी में राहत देते हैं. आप इसे शहद या अदरक के साथ मिलाकर ले सकते हैं.
क्या हल्दी इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार होती है?
हां, हल्दी शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति को मजबूत बनाती है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में फ्री रेडिकल्स को खत्म करते हैं जिससे बीमारियां दूर रहती हैं
क्या सर्दियों में त्वचा के लिए हल्दी फायदेमंद होती है।
जी हां, सर्दियों में त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है. हल्दी फेस पैक के रूप में लगाने से त्वचा में निखार आता है, दाग-धब्बे कम होते हैं और स्किन ग्लो करने लगती है.
जोड़ों के दर्द में हल्दी किस तरह काम करती है?
सर्दियों में जोड़ों का दर्द बढ़ जाता है. हल्दी के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन और दर्द को कम करते हैं. हल्दी दूध या हल्दी पानी पीने से काफी आराम मिलता है.
अंजली कुमारी
